एक्सपेंशन फैरिन्गोप्लास्टी” पर डॉ.विनीत जैन का अंतरराष्ट्रीय मंच पर व्याख्यान
खर्राटों के इलाज की नई दिशा: अंतरराष्ट्रीय मंच पर डॉ. विनीत जैन की प्रस्तुति
कोटा। स्मार्ट हलचल|पहली बार भारत में आयोजित इंटरनेशनल सर्जिकल स्लीप सोसाइटी (ISSS) की 14वीं वार्षिक बैठक एवं इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स फॉर स्लीप एप्निया (IASSACON 2026) के संयुक्त सम्मेलन में कोटा के डॉ. विनीत जैन को फैकल्टी सदस्य के रूप में आमंत्रित किया गया। जेडब्ल्यू मैरियट, सहार (मुंबई) में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 30 देशों के 400 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया।
डॉ. विनीत जैन ने सम्मेलन में खर्राटों और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) के उपचार में उपयोगी आधुनिक शल्य तकनीक “एक्सपेंशन फैरिन्गोप्लास्टी” पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने विस्तार से बताया कि यह तकनीक पारंपरिक सर्जरी से अलग है, क्योंकि इसमें गले (फैरिंक्स) की मांसपेशियों और ऊतकों को संरक्षित रखते हुए वायुमार्ग को वैज्ञानिक तरीके से चौड़ा किया जाता है।
उन्होंने कहा कि सामान्यतः स्लीप एपनिया के मरीजों में गले का पिछला भाग संकुचित हो जाता है, जिससे नींद के दौरान वायुमार्ग अवरुद्ध होता है और खर्राटे तथा श्वास रुकने की समस्या उत्पन्न होती है। “एक्सपेंशन फैरिन्गोप्लास्टी” में विशेष तकनीक के माध्यम से सॉफ्ट पैलेट और फैरिंजियल मसल्स को पुनर्संरचित कर एयरवे का विस्तार किया जाता है, जिससे श्वास प्रवाह सहज हो जाता है।
डॉ. जैन ने अपने व्याख्यान में बताया कि इस तकनीक के प्रमुख लाभों में कम मांसपेशियों क्षति, बेहतर पोस्ट-ऑपरेटिव रिकवरी, कम दर्द और दीर्घकालिक प्रभावशीलता शामिल हैं। यह विशेष रूप से उन मरीजों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है, जिन्हें सी-पैप (CPAP) मशीन से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा या जो सर्जिकल विकल्प तलाश रहे हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में वे 100 से अधिक सफल सर्जरी कर चुके हैं और उनके क्लिनिकल परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। सम्मेलन में प्रस्तुत आंकड़ों और केस स्टडीज को विशेषज्ञों ने सराहा।
इसके अतिरिक्त, डॉ. जैन ने “Beyond Snoring: The Art and Science of Clinical Evaluation in SRBD” विषयक सत्र में चेयरपर्सन के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।










