ओम जैन
शंभूपुरा। स्मार्ट हलचल।उपनगरीय सेन्थी में स्थित दिवाकर भवन में शनिवार को उपाध्याय प्रवर गौतम मुनि जी म.सा ओर वैभव मुनि जी म.सा. का प्रवचन हुआ।प्रवचन के दौरान उपाध्याय गौतम मुनि ने कहा कि दगा नही होता किसी का सगा, इसलिए किसी के साथ गलत करने की कभी मत सोचो। उन्होंने कहा धर्म कहता किसी से बेर नही रखना, जो क्षमा याचना करले आत्मा आत्मभाव में आ जाती है, क्षमा देने लेने से जीव आराधक बनता है। मुनि ने कहा उपदेश देना तो सरल है लेकिन इसका आचरण करना बहुत कठिन, गन्ने का उदाहरण देकर बताया जहाँ गांठ है वहाँ रस नही जहा रस है वहाँ गांठ नही। हम धर्म भी करे और राग द्वेष की गांठ रखेंगे तो धर्म का कोई फायदा नही।
उन्होंने कहा धर्म करने के बाद भी जीवन परिवर्तन ना हो तो धर्म की गलती नही,धर्म थोड़ा करो कोई बात नही लेकिन धर्म कभी नाम या दिखावे के लिए मत करो, मुनिवर ने कहा बांसुरी में कही गिठान नही होती तो मधुर बोलती है, इसीलिए बांसुरी श्रीकृष्ण को सबसे ज्यादा प्यारी थी।
उन्होंने कहा कि बांसुरी से जीवन जीना सीखे कि बिना बोलाए बोलना नही, हमेशा मीठा बोलना, ओर पाप छिपाने नही, इंसानों को बांसुरी की तरह जीना सीखना चाइये। राग द्वेष करके धर्म करते तो वो सिर्फ लोगो को रिझाने के लिए होता है, हमें अपने जीवन मे आराधक बनना निराधक नही बनना है।
वैभव मुनि ने भी अपने प्रवचन से सभी धर्म प्रेमियों को लाभान्वित किया।
सभा का संचालन कोषाध्यक्ष रतन लाल संजेती ने किया।
सभी अतिथियों का आभार प्रकट संघ अध्यक्ष अनिल पोखरना ने किया।
इस दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज से श्रावक श्राविकाएं मौजूद रहे।
