पाली आश्रम में उमड़ा आस्था का महासागर, परम पूज्य स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज के सानिध्य में भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म का विराट संगम

कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, विधायक राजेंद्र मीणा सहित हजारों श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया आशीर्वाद
आज होगा भव्य त्रिशूल पूजा महोत्सव, विशाल भंडारा एवं दिव्य सत्संग; क्षेत्रभर से उमड़ेंगे श्रद्धालु

नीरज मीणा

महुवा, दौसा।स्मार्ट हलचल/बाणगंगा नदी के पावन तट पर स्थित श्री परमहंस आश्रम, पाली (महुवा) इन दिनों आध्यात्मिक चेतना, भक्ति और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। विश्वविख्यात संत, यथार्थ गीता के प्रणेता एवं करोड़ों श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक मार्गदर्शक परम पूज्य श्री परमहंस स्वामी अड़गड़ानंद जी Maharaj के पावन सानिध्य में आयोजित दो दिवसीय त्रिशूल पूजा, विशाल भंडारा एवं सत्संग महोत्सव में रविवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, महुवा विधायक राजेंद्र मीणा, पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह, विभिन्न जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं एवं हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर सद्गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
रविवार को जब स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज विशेष हेलीकॉप्टर से पाली स्थित आश्रम पहुंचे तो पूरा क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर अपने आराध्य संत का भव्य स्वागत किया। आश्रम परिसर में आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति का ऐसा वातावरण बना कि हर ओर श्रद्धा और समर्पण की अनुभूति देखने को मिली।
स्वामी जी के दर्शन मात्र से धन्य हुए श्रद्धालु
देश-विदेश में श्रीमद्भगवद्गीता के वास्तविक स्वरूप को जन-जन तक पहुंचाने वाले पूज्य स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने सद्गुरुदेव के श्रीचरणों में नमन कर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
आश्रम परिसर में उपस्थित हजारों भक्तों ने कहा कि सद्गुरुदेव के दर्शन और उनके उपदेश जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं तथा मनुष्य को धर्म, सत्य और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
महुवा की धरती का सौभाग्य है संत का आगमन : डॉ. किरोड़ी लाल मीणा
कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में संतों का आगमन ईश्वर की विशेष कृपा का प्रतीक होता है। स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज ने यथार्थ गीता के माध्यम से गीता के वास्तविक और व्यावहारिक संदेश को दुनिया भर में पहुंचाकर मानवता के कल्याण का अनुपम कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि—
“संत समागम हरि कथा, तुलसी दुर्लभ दोय”
ऐसे महान संत का महुवा की पावन धरा पर आगमन समस्त क्षेत्रवासियों के लिए गौरव, सौभाग्य और आध्यात्मिक ऊर्जा का विषय है। स्वामी जी के चरणों के स्पर्श से यह भूमि धन्य हो गई है और उनके आशीर्वाद से क्षेत्र में शांति, सद्भाव और सकारात्मकता का वातावरण विकसित होगा।
सद्गुरुदेव का सानिध्य आत्मिक शांति का स्रोत : विधायक राजेंद्र मीणा
महुवा विधायक राजेंद्र मीणा ने कहा कि पूज्य स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज का सानिध्य आत्मिक शांति, सकारात्मक सोच और धर्ममार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने सद्गुरुदेव के श्रीचरणों में नमन करते हुए क्षेत्र की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की।
विधायक ने कहा कि संत समाज सदैव मानवता, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करता है। ऐसे संतों का मार्गदर्शन समाज को नई दिशा और नई चेतना प्रदान करता है।
देश-विदेश में लाखों श्रद्धालुओं के प्रेरणास्रोत हैं स्वामी अड़गड़ानंद जी
स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज द्वारा रचित ‘यथार्थ गीता’ आज विश्वभर में करोड़ों लोगों के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शन का माध्यम बनी हुई है। उन्होंने अपने जीवन को मानवता, धर्म और आध्यात्मिक उत्थान के लिए समर्पित किया है। उनके विचारों और साधना से देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लाखों श्रद्धालु प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं।
आज होगा त्रिशूल पूजा महोत्सव, विशाल भंडारा और दिव्य सत्संग
सोमवार को आश्रम परिसर में त्रिशूल पूजा, विशाल भंडारा एवं दिव्य सत्संग का मुख्य आयोजन होगा। कार्यक्रम को लेकर आश्रम परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चिकित्सा विभाग, पुलिस प्रशासन एवं आश्रम प्रबंधन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
आश्रम प्रबंधन के अनुसार कार्यक्रम में राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। पूरे क्षेत्र में इस धार्मिक आयोजन को लेकर उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।
भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म का बना केंद्र पाली आश्रम
दो दिवसीय इस विराट धार्मिक आयोजन ने पाली आश्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा और जनआस्था के केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। श्रद्धालुओं का मानना है कि सद्गुरुदेव के दर्शन, सत्संग और आशीर्वाद से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा व्यक्ति धर्म, सत्य और मानव कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ता है।