ओम जैन
शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की छवि धुमिल करने को लेकर पूर्व राज्यमंत्री जाड़ावत के नेतृत्व में कांग्रेसजनो जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।प्रवक्ता नवरतन जीनगर ने बताया कि शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के तत्वाधान में महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर चित्तौड़गढ़ को पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन से पूर्व शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की छवि धूमिल करने को लेकर एक षडयंत्र बताते हुए कांग्रेस पदाधिकारियों ने योगी मोदी सरकार के खिलाफ कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर नारेबाजी की उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म की संत परम्परा के अग्रज चार शंकराचार्य में से एक शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जो कि प्रयागराज में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य है। इनके द्वारा लम्बे समय से गौ सेवा व गौ रक्षा की बात प्रमुखता से उठा जा रही है। वर्तमान में भारत की गौ मांस निर्यात में वृद्धि व उत्तरप्रदेश का अग्रिम राज्य की सूची में आने की बात का शंकराचार्य जी खुलकर विरोध कर रहे थे।
हाल ही में योगी सरकार द्वारा शंकराचार्य जी को मोनी अमावस्या पर संगम स्नान करने से रोका गया, पुलिस द्वारा गलत व्यवहार किया गया एवं बटुकों के साथ मारपीट की गई थी योगी सरकार द्वारा राजनैतिक षड्यंत्र के तहत उनकी छवि धुमिल करने का प्रयास किया गया जिससे करोड़ों हिन्दुओं में रोष व्यापत हुआ, सीधे तौर से राज्य सरकार के मुख्यमंत्री पर आरोप लगे थे, ये सब होने के बावजूद अब शंकराचार्य पर एक हिस्ट्रीशीटर द्वारा यौन उत्पीड़न केस करवाना राजनैतिक षड्यंत्र है। हिस्ट्रीशटर आशुतोष ब्रह्मचारी राम भद्रचार्य का शिष्य है जो अपने आप में एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। आज हिन्दू धर्म के शंकराचार्य व गौ माता भाजपा के राज में असुरक्षित है। शंकराचार्य जी के खिलाफ खिलाफ प्रयागराज के झूसी थाने में बीएनएस की धारा 351 (2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5, 6, 3, 4 (2), 16 और 17 में मामला दर्ज हुआ है पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि हमें डर है कि उप्र के मुख्यमंत्री राजनैतिक षड्यंत्र के तहत शंकराचार्य को बन्दी ना बना लें या और कोई नुकसान ना पहुँचा दे, इसके लिए केन्द्रीय ऐजेन्सियों से जांच करवाई जावे। यह भी उल्लेखनीय है कि भाजपा की सरकार द्वारा इलेक्ट्रोल बॉण्ड के माध्यम से गौकशी करने वाली कम्पनियों से चन्दा लिया गया। उन्होंने शंकराचार्य के प्रति किये जा रहे षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए दोषियों पर कार्यवाही करने तथा शंकराचार्य जी पर दर्ज एफआईआर निरस्त करने की मांग की है।










