सूरौठ। स्मार्ट हलचल।कस्बा सूरौठ निवासी डिसेबिलिटी राइट्स एक्टिविस्ट डॉ हेमंत भाई गोयल ने दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण, समावेशन, गरिमा और अधिकारों के लिए 27 वर्षों से अधिक समय तक बिना किसी संस्थागत वित्तीय सहायता, सरकारी अनुदान अथवा आर्थिक सहयोग के एक वन मैन आर्मी के रूप में काम करते हुए दिव्यांग अधिकारों की निरंतर पैरवी की है। उनके असाधारण एवं निस्वार्थ उपलब्धियों को मल्टीनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन, यूनाइटेड किंगडम की ओर से रिकॉर्ड श्रेणी के अन्तर्गत अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्रदान की गयी है।
डॉ गोयल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लाइफटाइम ह्यूमैनिटेरियन इम्पैक्ट एंड डिसेबिलिटी राइट्स एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त निदेशक पंकज ओझा, मल्टीनेशनल नेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के सीईओ कृष्ण कुमार उपाध्याय और गरिमा जैन ने जयपुर में प्रदान किया।
अपने व्यक्तिगत समर्पण और अटूट संकल्प से प्रेरित होकर डॉ. गोयल ने लगातार दिव्यांग जनों के हित में जन-अधिवक्ता के रूप में कार्य करते हुए कानूनी हस्तक्षेपों, नीतिगत सुधारों, जन-जागरूकता अभियानों और जमीनी स्तर के प्रयासों के माध्यम से उन्होंने दिव्यांग जनों के लिए सुगम्यता, प्रतिनिधित्व, शिक्षा, रोजगार के अवसर, सामाजिक सुरक्षा लाभ, चुनावी भागीदारी और समान अधिकार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
