उकाथू पशु चिकित्सालय में चिकित्सक नदारद, निजी डॉक्टरों के भरोसे पशुपालक

_गौशाला होने के बावजूद प्रभावित हो रही पशु चिकित्सा सेवाएं_

खखरेरू /स्मार्ट हलचल।फतेहपुर धाता विकासखंड के उकाथू ग्राम सभा स्थित पशु चिकित्सालय में चिकित्सक की नियमित अनुपस्थिति से क्षेत्र के पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर के न मिलने से उन्हें अपने पशुओं के उपचार के लिए निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल में समय पर चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध न होने से बीमार पशुओं के इलाज में देरी होती है। वहीं, गांव में संचालित गौशाला होने के बावजूद गौवंशों की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। पशुपालकों का कहना है कि बढ़ते इलाज खर्च और सरकारी अस्पताल में सुविधाओं के अभाव के कारण वे पशुपालन छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों से अस्पताल में चिकित्सक की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा आवश्यक दवाओं और सुविधाओं की व्यवस्था कराने की मांग की है।
इस संबंध में पशु चिकित्सा अधिकारी धाता प्रवीण सचान ने बताया कि उकाथू पशु चिकित्सालय में एक ही चिकित्सक तैनात है। उनके अनुसार चिकित्सक द्वारा सुबह और शाम गौशाला की जीपीएस आधारित फोटो अपलोड की जाती है। एकमात्र चिकित्सक होने के कारण उन्हें क्षेत्र के अन्य कार्यों और गौशाला के निरीक्षण के लिए भी जाना पड़ता है, जिससे कुछ समय के लिए अस्पताल बंद रहता है।