बूंदी -स्मार्ट हलचल।राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड के तत्वावधान में परीक्षाओं के कठोर प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में तनाव व दबाव से जूझती नयी पीढ़ी को व्यक्तित्व उन्नयन से जोड़ने हेतु किए जा रहे प्रयासों की श्रृंखला में प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी के नेतृत्व में स्काउटिंग गाइडिंग के माध्यम से भावी पीढ़ी का सर्वांगीण विकास विषय पर संगोष्ठि का आयोजन किया गया। पेच ग्राउंड स्थित स्काउट गाइड भवन पर निजी शिक्षण संस्थानों के विशेष संदर्भ में आयोजित इस संगोष्ठी में बालक, किशोर और युवा अवस्था के विद्यार्थियों को स्काउट गाइड के माध्यम से तनाव मुक्ति तथा व्यक्तित्व उन्नयन पर विचार मंथन किया गया। आयोजन की अध्यक्षता जिला कोषाध्यक्ष बुद्धि प्रकाश पुंडीर ने की, विचार गोष्ठी में सीओ स्काउट प्रदीप चित्तौड़ा मुख्य वक्ता रहे वहीं वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष हरीश तिवारी, सहायक सचिव डॉ सर्वेश तिवारी, सोसायटी संरक्षक मंडल के लोकेश सुखवाल व जावेद अहमद तथा सीओ गाइड मधुकुमारी विशिष्ट वक्ता रहे।
मुख्य वक्ता के रूप में गोष्ठी को संबोधित करते हुए सर्किल ऑर्गेनाइजर प्रदीप चित्तौड़ा ने वर्तमान परिपेक्ष में बढ़ते प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में विद्यालयों में स्काउट गाइडिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की कवायद से परिचित करवाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्काउट गाइड गतिविधियां भावी पीढ़ी को सुनागरिक बनाती हैं जिसके माध्यम से बालक बालिकाएं अपना व्यक्तित्व उन्नयन तो करते ही हैं साथ ही सामाजिक विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान भी निभाते हैं। चित्तौड़ा ने इस अवसर पर निजी विद्यालयों में स्काउटिंग गाइडिंग गतिविधियों के संचालन की प्रक्रिया के साथ समस्याओं व शंकाओं का निदान किया। संगोष्ठी को वैश्विक आयामों से जोड़ते हुए डॉ सर्वेश तिवारी ने कहा स्काउट गाइड विश्व की सबसे बड़ी वर्दीधारी संस्था है जिसमें 216 देश, क्षेत्र व भूभाग में छ करोड़ से अधिक संभागी हैं, इसमें 5 वर्ष से लेकर 25 वर्ष तक के छात्र कब बुलबुल, स्काउट गाइड व रोवर रेंजर इकाईयों के रूप में जुड़कर तनाव मुक्ति के साथ सहजता से अपना शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक व सामाजिक विकास करते हैं। इस अवसर पर बोलते हुए लोकेश सुखवाल ने स्काउटिंग द्वारा नियमित व्यवस्थित दिनचर्या के साथ स्वावलंबन प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं जावेद अहमद ने स्काउटिंग से जुड़े अपने अंतर्राष्ट्रीय गतिविधियों में सहभागिता के अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां बच्चों को एक सकारात्मक वातावरण के साथ नई ऊर्जा प्रदान की जाती है जो उसके वास्तविक जीवन के लिए बहुत जरूरी है। वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष हरीश तिवारी ने कहा कि आज बच्चों में एकाकीपन, तनाव, अनुशासनहीनता जैसे समस्याएं देखने को मिलती हैं इन सब का निवारण स्काउटिंग की पाठशाला में अपने आप हो जाता है, इसलिए उनके विकास हेतु प्रत्येक निजी विद्यालय में स्काउट गाइड पंजीकरण करवाकर बच्चों को इससे जोड़ा जाएगा। अध्यक्ष उद्बोधन में बुद्धि प्रकाश पुंडीर ने सभी संभागियों का आव्हान किया कि वे नई पीढ़ी के भविष्य निर्माण के इस महायज्ञ में सहभागी बने व बच्चों को नई दिशा प्रदान करें। इस अवसर पर सभी ने एकमत से स्काउटिंग गाइडिंग गतिविधियों के सफल संचालन का आश्वासन दिया व कर्तव्य पालन, दूसरों की सहायता व स्काउट गाइड नियम पालन की प्रतिज्ञा ली।
हेडक्वार्टर कमिश्नर प्रमोद श्रृंगी ने बताया कि स्काउट परंपरा अनुसार शुरू हुई संगोष्ठी में करतल ध्वनि के बीच सभी संस्था प्रधान व निदेशकों का सीओ स्काउट ने स्कार्फ पहनाकर ऐतिहासिक उपलब्धियों से परिचित करवाया व प्रेरक उद्बोधन के साथ सभी का अभिनंदन किया। संगोष्ठी का संचालन जिला सहसचिव सर्वेश तिवारी ने किया व आभार सर्किल ऑर्गेनाइजर गाइड मधुकुमारी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्था निदेशक, प्रधानाचार्य व ग्रुप लीडर मूलचंद शर्मा, मनीष कुमार शर्मा, मेघराज शर्मा,राजेश बाबू शर्मा, खटकड़ से रमेश चंद्र शर्मा व प्रेम शंकर चक्रपाल, राजेश कुमार, विश्वनाथ भारद्वाज, अब्दुल गफ्फार, हंसराज चौधरी, सुरेंद्र गोस्वामी, छत्रपुरा से बृजमोहन शर्मा, राजेश कुमार, सर्विस रोवर स्काउट नीतीश चौबदार, नवनीत, युवा प्रतिनिधि श्याम सुंदर प्रजापत व दीपक मेघवाल ने सहभागिता की।
