लाडपुरा चारागाह भूमि पर दोहरा संकट: एक तरफ 30 फीट गहरा अवैध खनन, दूसरी तरफ बाड़े बनाकर अवैध अतिक्रमण
लाडपुरा, 20 जून 2026। लाडपुरा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले प्रमुख धार्मिक स्थलों श्री बाण्यांबाव देव नारायण मंदिर, सावरियाँ गौशाला व सांबलिया महादेव मंदिर रास्ते पर स्थित चारागाह भूमि इस समय दोहरे संकट से जूझ रही है। एक तरफ जहाँ यहाँ रात के अंधेरे में माफियाओं द्वारा अंधाधुंध अवैध खनन किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कई लोगों द्वारा कच्ची दीवारें व बाड़े बनाकर बड़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण भी किया हुआ है। इन दोनों समस्याओं से मूक पशुओं के चरने की जगह खत्म हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार की रात को तिदुंणीया भैरुनाथ के पास पहाड़ी क्षेत्र में जेसीबी मशीनों से 2 बीघा से अधिक भूमि पर 20 से 30 फीट गहराई तक अवैध खुदाई की गई। इस माटी खनन के चक्कर में कई हरे-भरे पेड़-पौधों को भी काट दिया गया, जिससे पर्यावरण को भारी क्षति पहुंची है।
अवैध खनन से अलग, इसी क्षेत्र और सांबलिया महादेव मंदिर रास्ते की बिलानाम भूमि पर कई लोगों ने अवैध अतिक्रमण भी कर रखा है। इन लोगों ने अपने स्तर पर पत्थरों को लगाकर कच्ची दीवारें खड़ी कर दी हैं और बड़े-बड़े बाड़े बना लिए हैं। खनन और अतिक्रमण की इन दोहरी मार के कारण पूरा चारागाह क्षेत्र नष्ट होने की कगार पर पहुंच गया है।
ग्रामीणों ने विकास अधिकारी को सौंपी रिपोर्ट, दी चेतावनी:
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए समस्त ग्रामवासियों ने एकजुट होकर विकास अधिकारी को पूर्व में एक लिखित रिपोर्ट सौंपी है। इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. ग्रामीणों ने मांग की है कि तिदुंणीया भैरुनाथ पहाड़ी क्षेत्र से अवैध खनन को तुरंत रुकवाया जाए और जिन लोगों ने कच्ची दीवारें व बाड़े बनाकर अतिक्रमण किया है, उन्हें तत्काल प्रभाव से ध्वस्त कर हटाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो पूरा गांव आंदोलन की राह पकड़ेगा।
