चित्तौड़गढ़, 23 जून 2026। स्मार्ट हलचल।चित्तौड़गढ़ दुर्ग क्षेत्र के वार्ड संख्या 43 के निवासियों के विरुद्ध भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) द्वारा की जा रही ध्वस्तीकरण की एकतरफा कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में कांग्रेस जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों के आशियाने उजाड़ना अमानवीय कदम है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने कहा कि दुर्ग क्षेत्र में निवास कर रहे परिवार पीढ़ियों से अपने पुश्तैनी मकानों एवं निजी आराजी भूमि पर शांतिपूर्ण ढंग से रह रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने संरक्षित स्मारकों एवं ऐतिहासिक धरोहरों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की है। ऐसे में निजी भूमि पर बने निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई किसी भी कानूनी पैमाने पर न्यायोचित नहीं है। उन्होंने जैसलमेर दुर्ग का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी स्थानीय आबादी निवास करती है और पर्यटन से अपनी आजीविका चलाती है।
जाड़ावत ने स्थानीय भाजपा सांसद एवं निर्दलीय विधायक की चुप्पी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि दुर्ग क्षेत्र के मतदाता प्रत्येक चुनाव में भाजपा को 300 से 400 वोटों की बढ़त दिलाते हैं, लेकिन आज जब उन्हीं लोगों के घरों और रोजगार पर संकट आया है, तब इन जनप्रतिनिधियों की चुप्पी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता जानना चाहती है कि उनके हितों की रक्षा के लिए चुने गए प्रतिनिधि आखिर मौन क्यों हैं।
मांग पूरी नहीं होने पर व्यापक जनआंदोलन की चेतावनी:
प्रवक्ता नवरतन जीनगर ने बताया कि ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रशासन एवं एएसआई मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस तोड़फोड़ की कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाए और क्षेत्रवासियों को विश्वास में लेकर न्यायपूर्ण समाधान निकाले। अन्यथा कांग्रेस पार्टी आमजन के साथ मिलकर उग्र जनआंदोलन करेगी। इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष भेरूलाल चौधरी, वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश मूंदड़ा, ग्रामीण अध्यक्ष विक्रम जाट, पूर्व सभापति रमेशनाथ योगी, जिला उपाध्यक्ष नगेंद्र सिंह राठौड़, वरिष्ठ पार्षद बालमुकुंद मालीवाल सहित दर्जनों पार्षद एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
