लाडपुरा में खरीफ की बुवाई के बाद बारिश की देरी से खेतों में फव्वारा व सिंचाई में जुटे किसान

शिव जांगिड़ 

लाडपुरा| स्मार्ट हलचल।खरीफ की बुवाई के बाद बारिश न होना खेतों में दिक्कत है। खेतों में इस समय मूंगफली, बाजरा, मक्का, मूंग, उड़द की बुवाई हो चुकी है और फव्वारा व सिंचाई ही एकमात्र सहारा है। क्षेत्र में अभी मानसून कमजोर चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 5-7 दिन बारिश के चांस हैं। इस बार खरीफ की बुवाई के बाद मानसून ने देरी दे दी है। क्षेत्र में किसान अब खेतों में खुद फव्वारा व सिंचाई करने को मजबूर हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि कमजोर मानसून 2 जुलाई तक बना रह सकता है। फिलहाल तो किसानों के लिए ट्यूबवेल और कुआं ही सहारा हैं।

मानसून की कमी से खेतों में फसल नुकसान का खतरा

फसल को नुकसान का खतरा है,क्योंकि मानसून में कमी खरीफ की बुवाई को प्रभावित कर रही है। मानसून की कमजोर स्थिति दो जुलाई तक बने रहने की संभावना है, “कुल मिलाकर, मानसून की बारिश में 43 प्रतिशत की कमी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि कमजोर मानसून दो जुलाई तक जारी रहने की संभावना है।