रमेश चंद्र डाड
आकोला|स्मार्ट हलचल|फाल्गुन मास की मस्ती, रंग और भक्ति से सराबोर वातावरण में भगातिया मंदिर नरसिंह द्वारा बड़लियास में स्वर्णकार समाज की महिलाओं द्वारा भव्य फागोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री कृष्ण की आरती कर एवं उन्हें रंग-अबीर अर्पित करके की गई जिससे सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। फागोत्सव के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन, फाग गीत एवं होली से जुड़े भक्तिपूर्ण पदों की मनोहारी प्रस्तुतियाँ दीं। “भागा रे भागा देखो नन्दलाला, नन्दलाला—राधा ने पकड़ा नन्दलाला, ऐसी होली खेली रे कान्हा, भांग चढ़गी…” तथा “धीरे-धीरे मार कान्हा पिचकारी, पिचकारी कान्हा…, रंग मत डार रे सांवरिया म्हानै गुजर म्हारा रे, जुल्म कर डारियो, सीतम कर डारियो …. ” जैसे रसपूर्ण लोकगीतों पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए और फाल्गुनी उल्लास चरम पर पहुँच गया। कार्यक्रम में राधा-कृष्ण की लीलाओं, फाल्गुन की रंगीन परंपराओं और लोकसंस्कृति की मधुरता का सुंदर संगम देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं की सक्रिय एवं सामूहिक सहभागिता ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया। भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से गुंजायमान कर दिया।
आयोजक ललिता सोनी ने बताया कि फागोत्सव का मुख्य उद्देश्य समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना, धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाना तथा आपसी सौहार्द, समरसता और एकता को सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, मर्यादा और परंपरा का विशेष ध्यान रखा गया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। अजमीढ ब्रिगेड की महिला सचिव मंजू सोनी ने बताया कि फागोत्सव के सफल आयोजन से समाज में हर्ष और उत्साह का माहौल बना रहा तथा यह आयोजन समाज के लिए एक प्रेरणादायी, श्रद्धामय और स्मरणीय सांस्कृतिक अनुभव सिद्ध हुआ। फागोत्सव में रानू, अंशूल, मैना, लाली दैवी, किरण, डिम्पल, कृष्णा, तारा सोनी आदि की उपस्थिति रही।
