हरदौल भगत, कौरव-पांडव बंटवारा, भोला-पार्वती विवाह और अभिमन्यु की वीरता की कथाओं ने बांधा समां
नीरज मीणा
मंडावर/दौसा। स्मार्ट हलचल/ग्राम ऊकरूंद में आयोजित विशाल हरिकीर्तन दंगल समारोह के दौरान पहले दिन धार्मिक कथाओं और भक्ति गीतों की ऐसी अविरल धारा बही कि पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। सुबह से देर शाम तक हजारों श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे और विभिन्न हरिकीर्तन पार्टियों द्वारा प्रस्तुत धार्मिक कथाओं एवं भजनों का आनंद लिया। भगवान के जयकारों और भक्ति संगीत से पूरा पंडाल गूंजता रहा।
कार्यक्रम में सबसे पहले मीना सीमला की हरिकीर्तन पार्टी ने अपनी प्रस्तुति देते हुए हरदौल भगत की कथा का मार्मिक वर्णन किया। कथा के माध्यम से त्याग, बलिदान, सत्यनिष्ठा और लोक कल्याण की भावना का संदेश दिया गया। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और हरदौल भगत के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
इसके बाद गुढा बरोली (धौलपुर) की हरिकीर्तन पार्टी ने महाभारत के महत्वपूर्ण प्रसंग कौरव-पांडव के बंटवारे की कथा का विस्तार से वर्णन किया। कथा में अन्याय, अहंकार और सत्ता के मोह के परिणामों को दर्शाते हुए धर्म एवं न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। कथा के दौरान श्रोतागण पूरी तन्मयता के साथ जुड़े रहे और कलाकारों की प्रस्तुति की खूब सराहना की।
वहीं खानपुर (करौली) की हरिकीर्तन पार्टी ने भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन पर आधारित भोला-पार्वती विवाह कथा का सुंदर वर्णन किया। कथा के साथ प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवान शिव की तपस्या, माता पार्वती की अटूट श्रद्धा और विवाह के दिव्य प्रसंगों का वर्णन सुनकर पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में नाहरखोहरा की हरिकीर्तन पार्टी ने महाभारत के महान योद्धा अभिमन्यु की वीरता और बलिदान की कथा सुनाई। चक्रव्यूह में अभिमन्यु के अदम्य साहस, शौर्य और धर्म के लिए दिए गए बलिदान का वर्णन सुनकर श्रोता भावुक हो गए। कथा के माध्यम से युवाओं को साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया।
दंगल में शामिल सभी पार्टियों ने अपनी मधुर वाणी, भक्ति गीतों और प्रभावशाली कथाओं से श्रद्धालुओं को देर तक बांधे रखा। धार्मिक कथाओं के बीच-बीच में प्रस्तुत किए गए भजन और संकीर्तन कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रहे। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर भगवान का गुणगान करते नजर आए।
आयोजक रामफूल मीना (पूर्व सरपंच) ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित यह दंगल क्षेत्र में धार्मिक एकता और भाईचारे का प्रतीक बन गया है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजक समिति द्वारा सभी कीर्तन पार्टियों, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का सम्मान किया गया। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए शिकंजी, शुद्ध पेयजल, फल-फ्रूट एवं जलपान की विशेष व्यवस्था की गई। सेवा कार्य में लगे ग्रामीण पूरे दिन श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जगमोहन मीना (जे.ई.), खुशीराम मीना (ठेकेदार), काडूराम मीना (ठेकेदार) सहित समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। देर रात तक चले भजन-कीर्तन और धार्मिक कथाओं के बीच श्रद्धालुओं ने भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
