एनसीबी जोधपुर के क्षेत्रीय निदेशक घनश्याम सोनी के नेतृत्व में आयोजित अभियान में युवाओं को बनाया गया नशामुक्त समाज का प्रहरी, MANAS हेल्पलाइन 1933 के उपयोग का किया आह्वान
जोधपुर/जयपुर, 25 जून।स्मार्ट हलचल।अंतरराष्ट्रीय ड्रग दुरुपयोग एवं तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर राजस्थान को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से जयपुर में एक भव्य एंटी-ड्रग्स वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जोधपुर जोनल यूनिट और बैंक ऑफ बड़ौदा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में विभिन्न विभागों, सुरक्षा बलों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के लगभग 1260 लोगों ने भाग लेकर नशे के खिलाफ जनजागरण का संदेश दिया।
एनसीबी जोधपुर के क्षेत्रीय निदेशक घनश्याम सोनी के नेतृत्व में आयोजित इस वॉकाथॉन की शुरुआत सुबह जयपुर के पाटोदी क्षेत्र से हुई और यह शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए उम्मेद स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश आमजन तक पहुंचाया।
कार्यक्रम में बीएसएफ, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), राजस्थान पुलिस, पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, एनसीसी, स्काउट्स एंड गाइड्स, विभिन्न शिक्षण संस्थानों, युवा संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
अपने संबोधन में क्षेत्रीय निदेशक घनश्याम सोनी ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती भी है। इसके समाधान के लिए सरकार, प्रवर्तन एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ अभियान के सक्रिय सहभागी बनने का आह्वान किया।
उम्मेद स्टेडियम में आयोजित समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से एंटी-ड्रग्स शपथ ली और नशामुक्त समाज निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया। प्रतिभागियों ने अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने का भी संकल्प लिया।
घनश्याम सोनी ने नागरिकों से MANAS राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 का उपयोग कर नशा तस्करी, नशीले पदार्थों के दुरुपयोग तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता का सहयोग नशे के खिलाफ लड़ाई को और अधिक प्रभावी बना सकता है।
कार्यक्रम का समापन “नशे को कहो ना, जीवन को कहो हां” के प्रेरक संदेश के साथ हुआ। आयोजन में दिखाई गई जनभागीदारी ने यह साबित कर दिया कि राजस्थान को ड्रग-फ्री बनाने की दिशा में समाज का समर्थन लगातार मजबूत हो रहा है।
