81 कलशों के महास्नपन, प्राण प्रतिष्ठा एवं महाआरती के साथ दो दिवसीय धार्मिक महोत्सव सम्पन्न, श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ
बड़ोदिया (बांसवाड़ा)।स्मार्ट हलचल।समस्त गुजराती मेवाड़ा सुथार समाज, बड़ोदिया एवं श्री विश्वकर्मा सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में श्री विश्वकर्मा मंदिर परिसर में आयोजित दो दिवसीय श्री विष्णुयज्ञ एवं नवनिर्मित कीर्ति स्तंभ प्रतिष्ठा महोत्सव शनिवार को श्रद्धा, आस्था और वैदिक परंपराओं के साथ सम्पन्न हो गया। दूसरे दिन प्रातः से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वैदिक ऋचाओं, शंखध्वनि और मंगल मंत्रों के बीच विष्णुयज्ञ की पूर्णाहुति दी गई तथा नवनिर्मित कीर्ति स्तंभ की वैदिक विधि-विधान से प्रतिष्ठा सम्पन्न कराई गई। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिरस और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।
*यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ सम्पन्न हुए प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान*
पंडित कपिल शास्त्री के आचार्यत्व तथा पंडित हरिओम पाठक एवं पंडित राहुल के श आचार्यत्व में यज्ञ की पूर्णाहुति सम्पन्न हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यजमानों ने अंतिम आहुतियां अर्पित कर विश्व शांति, समाज की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। पूर्णाहुति के बाद महापूजन एवं महाआरती का आयोजन हुआ।
*कीर्ति स्तंभ की प्रतिष्ठा बनी मुख्य आकर्षण*
महोत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में
स्टेनलेस स्टील के 27 फीट ऊंचाई और 187 किलो वजनी नवनिर्मित भव्य कीर्ति स्तंभ की हेमन्त शर्मा व रंजना शर्मा ने पूजा अर्चना कर अभिषेक किया। इसके बाद नवनिर्मित कीर्ति स्तंभ की वैदिक विधि-विधान से प्रतिष्ठा सम्पन्न कराई गई। इससे पूर्व जलाधिवास, धान्याधिवास, ग्रह शांति, कुटीर होम एवं विभिन्न वैदिक संस्कारों के उपरांत दिव्य औषधियों से युक्त 81 पवित्र कलशों के माध्यम से कीर्ति स्तंभ का भव्य महास्नपन कराया गया। इसके बाद मंत्रोच्चार एवं शुभ मुहूर्त में प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। प्रतिष्ठित कीर्ति स्तम्भ पर ध्वजारोहण भी किया गया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर जयघोष के साथ इस ऐतिहासिक क्षण का स्वागत किया।
*भक्ति में डूबा रहा मंदिर परिसर*
महोत्सव के दौरान भगवान श्री विश्वकर्मा, विघ्नहर्ता श्री गणेश, वेदमाता गायत्री, शिव दरबार एवं श्री हनुमानजी की प्रतिमाओं का विशेष पूजन-अभिषेक एवं श्रृंगार किया गया। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। शुक्रवार रात्रि आयोजित संगीतमयी सुंदरकांड ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, वहीं शनिवार को महाआरती में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
*सातों चोखलों के अध्यक्षों की रही गरिमामयी उपस्थिति*
प्रतिष्ठा महोत्सव में सुथार समाज के सातों चोखलों के अध्यक्ष, पदाधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए समाजबंधुओं ने भाग लेकर समाज की एकता एवं धार्मिक परंपरा का परिचय दिया। अतिथियों एवं समाजजनों का मंदिर समिति द्वारा सम्मान भी किया गया।
*इन यजमानों ने दी पूर्णाहुति की आहुतियां*
कीर्ति स्तंभ स्थापना के यजमान लीलाराम भूराजी शर्मा एवं शांता देवी, डॉ. कमलेश शर्मा एवं श्रीमती भावना शर्मा ने पूर्णाहुति में आहुतियां अर्पित कीं। विष्णु यज्ञ कुंड के यजमान पुरुषोत्तमजी वखतरामजी सुथार परिवार की ओर से हीरालाल सुथार एवं मंजूला देवी तथा दिनेश सुथार व संतोष देवी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्णाहुति में आहुतियां देकर समाज एवं राष्ट्र की उन्नति की कामना की। चंद्रमोहन सुथार व वीणा देवी ने महाआरती का पुण्यलाभ लिया।
*युवा कार्यकर्ताओं ने निभाई अहम जिम्मेदारी*
प्रतिष्ठा महोत्सव की सभी व्यवस्थाओं में समाज के युवा कार्यकर्ताओं ने उल्लेखनीय योगदान दिया। लीलाराम शर्मा व प्रेमशंकर सुथार के निर्देशन में जयप्रकाश सुथार, प्रवीण धूलजी सुथार, जगदीश शर्मा, नारायणलाल सुथार, घनश्याम, हेमन्त शर्मा, भूपेश शर्मा, जितेंद्र, दीपक सुथार, वैभव, लोकेश, भुवन, गिरीश एवं अनित, सहित अनेक युवाओं ने मंदिर सजावट, यज्ञशाला, स्वागत, पार्किंग, महाप्रसादी एवं अन्य व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर आयोजन को अनुशासित एवं भव्य स्वरूप प्रदान किया।
*महाप्रसादी में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब*
प्रतिष्ठा समारोह एवं महाआरती के बाद आयोजित महाप्रसादी में क्षेत्रभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर समिति एवं समाजजनों ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए भोजन, पेयजल, बैठने एवं अन्य व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित कीं।
*अध्यक्ष ने जताया आभार*
श्री विश्वकर्मा सेवा संस्थान के अध्यक्ष सुरेश भूरालालजी सुथार ने महोत्सव की सफलता पर सभी यजमानों, आचार्यों, समाज के सातों चोखलों के अध्यक्षों, महिला मंडल, युवा कार्यकर्ताओं, दानदाताओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की एकजुटता और सहयोग से यह प्रतिष्ठा महोत्सव ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय बन सका।
