जून का महीना आते ही सूरज की तपिश अपने चरम पर पहुंच जाती है. इस कड़कड़ाती गर्मी से सिर्फ हम इंसान ही परेशान नहीं हैं, बल्कि जीव-जंतु भी बेहाल हैं. गर्मी के इन महीनों में सांप अक्सर अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं. वजह साफ है तेज गर्मी से बचना और भोजन की तलाश. यही कारण है कि इस मौसम में सांपों के अचानक घरों, बगीचों या सोसायटियों में घुसने की खबरें बढ़ जाती हैं. अगर एकाएक सामने सांप आ जाए तो डरना स्वाभाविक है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर सांप जहरीला नहीं होता? अगर आप जहरीले (Venomous) और बिना जहर वाले (Non-Venomous) सांपों के बीच का अंतर समझ लें, तो आप न सिर्फ खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि किसी बड़े हादसे को भी टाल सकते हैं.
आइए जानते हैं ऐसे 5 आसान तरीके, जिससे आप दूर से ही सांप को पहचान सकते हैं.
सिर का आकार (Shape of the Head)-
सांप को पहचानने का सबसे पहला और आसान तरीका है उसका सिर. अधिकांश जहरीले सांपों (जैसे वाइपर और कोबरा) का सिर त्रिकोणीय (Triangular) होता है. उनकी गर्दन पतली होती है और गालों के दोनों तरफ विष ग्रंथियां होने के कारण सिर पीछे से चौड़ा दिखता है. जबकि बिना जहर वाले सांप का सिर आमतौर पर गोल या अंडाकार (Oval) होता है. इनका सिर और शरीर एक सीधी बनावट में जुड़े होते हैं, यानी गर्दन अलग से पतली नहीं दिखती.
अपवाद: ध्यान रहे, खतरनाक ‘करैत’ सांप जहरीला होने के बावजूद गोल सिर वाला होता है.
आंख की पुतली का आकार (Shape of the Pupil)-
पुतली (Pupil) पर गौर करें. जहरीले सांप की आंखों की पुतलियां बिल्ली की तरह खड़ी लकीर (Vertical Slit) जैसी होती हैं. जबकि बिना जहर वाले सांप की पुतलियां इंसानों या पक्षियों की तरह पूरी तरह गोल (Round) होती हैं.
शरीर का रंग और पैटर्न (Color and Patterns)-
कुदरत ने जहरीले जीवों को एक खास चेतावनी भरा रंग दिया है. जहरीले सांप के शरीर पर अक्सर चमकीले रंग और गहरे कंट्रास्ट वाले पैटर्न होते हैं. जैसे कोबरा का फन फैलाना या करैत के शरीर पर काले-सफेद और पीले रंग के छल्ले (Rings). जबकि बिना जहर वाले सांप का रंग अक्सर हल्का या ऐसा होता है जो सूखी पत्तियों, मिट्टी या घास में आसानी से छिप सके (जैसे धामन या पानी वाले सांप). ये अमूमन फन नहीं फैला सकते.
व्यवहार और प्रतिक्रिया (Behavior)-
सामना होने पर सांप कैसे रिएक्ट करता है, इससे भी उसकी प्रजाति का अंदाजा लगाया जा सकता है. जहरीले सांप बेहद आत्मविश्वासी और आक्रामक होते हैं. इंसान को देखकर ये भागने के बजाय अपनी जगह पर डट जाते हैं, फन फैलाते हैं, सिर उठाते हैं और फुफकारने लगते हैं. जबकि बिना जहर वाले सांप स्वभाव से शर्मीले होते हैं. इंसानों की आहट या आवाज सुनते ही ये तेजी से भागकर छिपने की कोशिश करते हैं.
घर में पड़ा कबाड़ बन सकता है सांपों का ठिकाना
आजकल कंटेनर गार्डनिंग का चलन तेजी से बढ़ा है. लोग गमलों के नीचे ट्रे या प्लेट रखते हैं ताकि पानी बाहर न फैले, लेकिन यही जमा पानी कई बार मुसीबत की वजह बन जाता है. ठहरे हुए पानी के आसपास कीड़े, मेंढक और छोटे जीव आने लगते हैं. चूंकि ये सांपों का पसंदीदा भोजन होते हैं, इसलिए सांप भी वहां तक पहुंच जाते हैं. खासकर जहरीले सांप शिकार की तलाश में ऐसी जगहों की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं. इसलिए गमलों की ट्रे को नियमित साफ करना और पानी जमा न होने देना बहुत जरूरी है.
अगर आपके गार्डन या लॉन में घास बहुत ज्यादा बढ़ गई है, तो सावधान हो जाइए. घनी घास और झाड़ियां सांपों को छिपने के लिए बेहतरीन जगह देती हैं. यहां उन्हें ठंडक और नमी दोनों मिलती है, जिससे वे लंबे समय तक वहीं टिके रह सकते हैं. कई बार लोग सजावट के लिए गार्डन को नेचुरल लुक में छोड़ देते हैं, लेकिन यही लापरवाही खतरा बढ़ा देती है. लॉन की समय-समय पर कटाई करें और झाड़ियों को ज्यादा फैलने न दें.
घर के बाहर खुले रखे कूड़ेदान सिर्फ बदबू ही नहीं फैलाते, बल्कि सांपों को भी आकर्षित करते हैं. खाने के बचे टुकड़ों की वजह से वहां सबसे पहले चूहे और छिपकलियां पहुंचती हैं.

अगर आप सांपों के खतरे से बचना चाहते हैं, तो सबसे पहले घर और गार्डन की साफ-सफाई पर ध्यान दें. बेकार सामान हटाएं, घास की कटाई करते रहें और पानी जमा न होने दें. रात के समय घर के आसपास रोशनी का इंतजाम रखें ताकि कोई जीव आसानी से छिप न सके. इसके अलावा दीवारों और दरवाजों के आसपास बने छोटे छेद भी बंद करवा दें. कई बार सांप इन्हीं रास्तों से घर के अंदर घुस जाते हैं. यदि आपके इलाके में सांप ज्यादा निकलते हैं, तो समय-समय पर प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल की मदद लेना भी फायदेमंद हो सकता है.
