किशन वैष्णव
शाहपुरा@स्मार्ट हलचल।क्षेत्र में दिनदहाड़े चोरी की वारदातें अब आम होती जा रही हैं। चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे रात के अंधेरे के साथ-साथ दिनदहाड़े भी आबादी वाले इलाकों में घरों को निशाना बना रहे हैं।जबकि खामोर क्षेत्र में दिनदहाड़े ज्यादा चोरिया हो रही है।पिछले तीन वर्षों में खामोर और आसपास के गांवों में एक दर्जन से अधिक बड़ी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं,लेकिन एक भी मामलों का खुलासा आज तक पुलिस नहीं कर पाई है। ऐसे में हर नई वारदात के साथ लोगों का पुलिस पर भरोसा कमजोर पड़ता जा रहा है।खामोर के गुर्जर मोहल्ले में 3 साल में यह तीसरी बड़ी चोरी की वारदात है। वहीं छोटी चोरिया तो कई बार जो चुकी हैं ।लोगो का कहना है कि गुर्जर समाज के घर ज्यादा टारगेट हो रहे हैं ,सोमवार दोपहर खामोर के गुर्जर मोहल्ले में अज्ञात चोर ने द्वारका गुर्जर के घर को निशाना बनाया। घर के मुख्य गेट पर ताला नहीं होने का फायदा उठाकर चोर कमरे में रखे बक्से तक पहुंचा और बक्से को खोलकर कपड़े तितर बितर कर उसमें पड़ी 500 ग्राम चांदी की कनकती,500 ग्राम चांदी की खूंगाली, 200 ग्राम चांदी के कूचिया तथा 250 ग्राम चांदी का आंवला चोरी कर फरार हो गया।आभूषण के डिब्बे में पड़े थे चोर उस डिब्बे को भी लेकर फरार हो गए,दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने ग्रामीणों में दहशत और बढ़ा दी है।खामोर क्षेत्र में चोरी की यह पहली घटना नहीं है।अक्टूबर 2024 में तेजाजी चौक स्थित दुदाराम गुर्जर के घर दिनदहाड़े बाइक सवार नकाबपोश बदमाश 90 हजार रुपये नकद और करीब 3 से 4 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर ले गए थे। इसके बाद मार्च 2025 में भीलों का खेड़ा और चौपड़ों का खेड़ा में आधा दर्जन मकानों के ताले तोड़कर लाखों रुपये के आभूषण पार कर दिए गए।अक्टूबर 2025 में चोरों ने फिर खामोर के तेजाजी चौक में कालू गुर्जर के घर से ढाई तोला सोना, 500 ग्राम चांदी और एक लाख रुपये नकद चोरी हो गए, जबकि तहनाल रूपपुरा और खामोर में भी अन्य वारदातों में लाखों रुपये का माल उसी दिन पार कर दिया गया था। इसके दो दिन बाद नई राज्यास में किसान मदन माली के घर से 5.5 तोला सोना,200 ग्राम चांदी और 23,300 रुपये नकद चोरी हो गए।लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर चोरों में पुलिस का खौफ क्यों नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले की वारदातों का समय पर खुलासा कर चोर गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की जाती, तो आज क्षेत्र में इतनी लगातार चोरियां नहीं होतीं। अब लोगों ने सभी लंबित मामलों के शीघ्र खुलासे, सक्रिय चोर गिरोहों की गिरफ्तारी और पूरे क्षेत्र में प्रभावी गश्त बढ़ाने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि वारदात के बाद पुलिस मौके पर आती है मौका मुआयना कर चली जाती है उसके बाद आज तक वापस नहीं आई।अब तो लोग चोरी की वारदात का मुकदमा दर्ज कराने से भी मना करने लगे हैं कहते हैं कि पूर्व में हुई चोरियों का भी आज तक पुलिस खुलासा नहीं कर सकी तो हमारी चोरी का खुलासा क्या करेगी.. वही गांव में सबसे ज्यादा चोरी की वारदाते डाबला रोड साइड के घरों में हो रही है वो भी गुर्जर समाज के घरों को निशाना बनाया जा रहा है।ग्रामीणों ने कहा जल्द चोरी की वारदातों का खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे।वही अप्रैल माह में बिलिया गांव में हुई करीब 30 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था।चोरों ने मकान की पीछे की बाड़े की खिड़की तोड़कर घर में प्रवेश किया और बक्से व अलमारी के ताले तोड़कर 6 लाख 50 हजार रुपये नकद सहित लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर फरार हो गए..। यह नकदी पीड़ित के साले ने अपने बेटे की शादी के लिए सुरक्षित रखने के लिए जीजा के घर रखी थी,लेकिन चोर वहां भी पहुंच गए।जिसका आज तक खुलासा नहीं हुआ।
