तिरंगे की आन पर प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीद बीरबल सिंह जीनगर का बलिदान दिवस मनाया, समाज ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

जीनगर समाज | अमर शहीद बीरबल सिंह बलिदान दिवस 2026
अध्यक्ष राजेश जीनगर के नेतृत्व में जुटे समाजजन, चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर सपूत के शौर्य को किया नमन; युवाओं ने लिया देश सेवा का संकल्प
विशेष रिपोर्ट: स्मार्ट हलचल ब्यूरो (चित्तौड़गढ़)

चित्तौड़गढ़, 30 जून 2026।स्मार्ट हलचल।अखिल भारतीय जीनगर समाज चित्तौड़गढ़ द्वारा अध्यक्ष राजेश जीनगर के नेतृत्व में आज अमर शहीद बीरबल सिंह जीनगर (ढालिया) का बलिदान दिवस अगाध श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाजजनों ने शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अद्वितीय साहस, राष्ट्रभक्ति एवं सर्वोच्च बलिदान को याद किया और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

इतिहास: गोलियां खाकर भी नहीं झुकने दिया था तिरंगा

सचिव नवरतन जीनगर ने शहीद के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अमर शहीद बीरबल सिंह जीनगर राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर के निवासी एवं महान स्वतंत्रता सेनानी थे। वे बीकानेर प्रजा परिषद से जुड़े हुए थे। 30 जून 1946 को रायसिंहनगर में आयोजित प्रजा परिषद सम्मेलन के दौरान तिरंगा लेकर सबसे आगे चलने पर अंग्रेजी पुलिस ने क्रूरतापूर्वक लाठीचार्ज और गोलीबारी की। उनकी जांघ में तीन गोलियां लगीं, फिर भी उन्होंने तिरंगा नहीं छोड़ा और “भारत माता की जय” के नारे लगाते रहे। गंभीर रूप से घायल होने के बाद 1 जुलाई 1946 को उन्होंने मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

गौरवमयी कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्धजन रहे उपस्थित:
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ जनों ने कहा कि शहीद बीरबल सिंह का जीवन हमें राष्ट्रप्रेम, त्याग और तिरंगे के सम्मान के लिए सदैव समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर सचिव नवरतन जीनगर ने बताया कि कार्यक्रम में वरिष्ठ जन प्रहलाद राय चौहान (पूर्व शाखा प्रबंधक SBI), छगनलाल टांक (पूर्व नर्सिंग अधीक्षक), तेजमल सिसोदिया (दूरसंचार विभाग), कोषाध्यक्ष अंबालाल चितारा, खूबचंद पड़िहार, ओम प्रकाश वर्मा (गुड्डू भाई), समाज कल्याण अधिकारी चंद्र प्रकाश जीनगर, रीको अधिकारी संदीप सोनगरा, GNM प्राचार्य राकेश पड़िहार, सीताराम सिसोदिया, मगनलाल सिसोदिया, सुरेश चौहान, भागचंद पंवार, हितेश पंवार, उमेश चौहान (फार्मासिस्ट), अनिल सिसोदिया, कैलाश पंवार घोसुंडा, अनिल पड़िहार, रजत जीनगर, राहुल टांक, भरत जीनगर, मोनू पड़िहार, विजय पड़िहार, गीता जीनगर तथा गोविंद जीनगर सहित अन्य समाजजन मौजूद रहे।