इंजीनियर रवि मीणा
कोटा:स्मार्ट हलचल|हाड़ौती अंचल के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक मेलों में शुमार चार चोमा की सोरती मेले का समापन देर रात्रि को भव्य आतिशबाजी और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। ग्राम पंचायत चौमा मालियान स्थित चोमेश्वर महादेव मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि पर्व पर आयोजित इस मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में पधारे मनोज शर्मा (जिलाध्यक्ष, कोटा क्रिकेट संघ) ने कहा कि चार चोमा की सोरती मेला हाड़ौती की सांस्कृतिक पहचान है और यह मेला क्षेत्र की परंपरा, आस्था और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विशाल शर्मा (भाजपा महामंत्री, कोटा देहात) ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में महावीर मीणा (अध्यक्ष, हाड़ौती आदिवासी मीना समाज, सुल्तानपुर) उपस्थित रहे। मेला अध्यक्ष उच्छमा मीणा ने बताया कि यह मेला वर्षों पुरानी परंपरा को संजोए हुए है और हर वर्ष इसकी भव्यता बढ़ती जा रही है। मेला संयोजक भीमराज मीणा ने जानकारी दी कि यह हाड़ौती का सबसे प्रसिद्ध एवं लोकप्रिय मेला है, जहाँ दूर-दूर से व्यापारी अपनी दुकानें लेकर आते हैं। मेले में करोड़ों रुपये का व्यापार होता है। विशेष रूप से सोरती मेले की जलेबी लोगों की पहली पसंद रहती है—लाखों रुपये की जलेबी की बिक्री होती है। मेले में मिर्चियों का विशाल बाजार आकर्षण का केंद्र रहा। किसान अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कृषि उपकरण—डालो, टाकलो, लकड़ियाँ, दातलियाँ आदि खरीदते नजर आए। बच्चों ने खिलौनों की दुकानों पर खूब उत्साह दिखाया। लाखों श्रद्धालुओं ने चौमुखी महादेव की दिव्य प्रतिमा के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में विराजित देवी अदिति की सुंदर प्रतिमा के दर्शन के लिए भी भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य पूर्ण होती है। अंत में भव्य आतिशबाजी ने पूरे आकाश को रोशन कर दिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समापन समारोह को यादगार बना दिया। इस प्रकार आस्था, उत्साह और परंपरा के संगम के साथ चार चोमा सोरती मेले का सफलतापूर्वक समापन हुआ।










