अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), ब्यावर नगर द्वारा रविवार शाम को ‘हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव’ एवं ‘तरुण व्यवसाई शाखाओं का महासंगम’ अत्यंत उत्साह और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में जहां राष्ट्रभक्ति का ज्वार देखने को मिला, वहीं समाज को संगठित और जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
31 बस्तियों से जुटे 447 तरुण व्यवसाई
कार्यक्रम की शुरुआत शाम 6 बजे ‘शाखा संगम’ के साथ हुई। इसमें ब्यावर नगर की 31 बस्तियों की 31 तरुण व्यवसाई शाखाओं के 447 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया और संघ की पारंपरिक विधाओं का प्रदर्शन किया। इसके बाद शाम 7 बजे मुख्य ‘हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव’ उत्सव प्रारंभ हुआ, जिसमें स्वयंसेवकों के साथ-साथ नगर के प्रबुद्ध नागरिकों, माताओं और बहनों सहित लगभग 650 लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
संघ की 100 वर्षों की यात्रा गौरवशाली: प्रभात त्रिपाठी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पूर्व उपखंड अधिकारी प्रभात त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में संघ के शताब्दी वर्ष की ओर बढ़ते कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा:
“राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण की गौरवशाली गाथा है। आज समाज को आगे बढ़ाने के लिए संघ की संगठन शक्ति बेहद महत्वपूर्ण है।”
शिवाजी महाराज का जीवन राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक: मुरलीधर
मुख्य वक्ता के रूप में चित्तौड़ प्रांत के प्रांत प्रचारक आदरणीय मुरलीधर ने मुख्य बौद्धिक पाथेय दिया। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य, राष्ट्रनिष्ठा और ‘हिंदवी स्वराज्य’ की स्थापना के संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने वर्तमान समय की चुनौतियों का जिक्र करते हुए आह्वान किया कि आज प्रत्येक नागरिक को संगठित, जागरूक और राष्ट्रहित में समर्पित रहने की आवश्यकता है।
वरिष्ठ पदाधिकारियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर मंच पर जिला संघचालक गोविंद सिंह एवं नगर संघचालक बनवारीलाल
पारीक की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन संघ की प्रार्थना के साथ अनुशासित और राष्ट्रभक्तिपूर्ण माहौल में हुआ।
