मोहम्मद आज़ाद नेब
जहाजपुर|स्मार्ट हलचल।नगर पालिका क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच के दौरान अधिकांश व्यावसायिक प्रतिष्ठान निर्धारित नियमों पर खरे नहीं उतरे। पालिका द्वारा किए गए विशेष सर्वे में जांचे गए 23 होटलों, रेस्टोरेंट एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में से केवल 3 संस्थान ही अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि 20 प्रतिष्ठानों में गंभीर कमियां मिलने पर उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं।
यह कार्रवाई निदेशक एवं विशिष्ट सचिव (डीएलबी) प्रतिक चंद्रशेखर द्वारा 5 जून 2026 को जारी आदेशों की पालना में की गई। हाल ही में दिल्ली सहित अन्य स्थानों पर हुई भीषण अग्निकांड की घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी नगरीय निकायों को 6 जून से 20 जून 2026 तक 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाकर होटलों, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन, मल्टीप्लेक्स, कोचिंग संस्थानों, पेइंग गेस्ट एवं अन्य उच्च जोखिम वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सघन सर्वे एवं भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए थे।
अभियान के तहत फायर एनओसी की वैधता, आपातकालीन निकास मार्ग, अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, स्प्रिंकलर सिस्टम, इलेक्ट्रिकल सुरक्षा, अवैध बेसमेंट किचन एवं रूफटॉप रेस्टोरेंट सहित अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई।
नगर पालिका द्वारा किए गए सर्वे में कुल 23 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें से केवल 3 प्रतिष्ठान ही सभी आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि 20 प्रतिष्ठानों में गंभीर खामियां मिलने पर उन्हें नोटिस जारी कर नियमानुसार कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
फायरमैन ऋषि राज चौधरी ने बताया कि नोटिस प्राप्त प्रतिष्ठानों में पर्याप्त अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे। कई स्थानों पर फायर अलार्म सिस्टम एवं स्मोक डिटेक्टर स्थापित नहीं मिले, आपातकालीन निकासी मार्ग अवरुद्ध पाए गए, फायर हाइड्रेंट एवं स्प्रिंकलर सिस्टम उपलब्ध नहीं था, कई प्रतिष्ठानों के पास वैध फायर एनओसी नहीं थी तथा कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया था।
सरकारी निर्देशों के अनुसार जिन प्रतिष्ठानों में बिना फायर एनओसी संचालन या गंभीर अनियमितताएं पाई जाती हैं, उनके विरुद्ध राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 एवं प्रचलित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस अभियान की नियमित प्रगति रिपोर्ट भी उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
