राजस्थान में मानसून की एंट्री: 7 दिन की देरी के बाद पूर्वी हिस्से में पहुंचा

भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

(हरिप्रसाद शर्मा)

जयपुर/स्मार्ट हलचल।सामान्य तिथि से 7 दिन की देरी के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने बुधवार (2 जुलाई) को राजस्थान के पूर्वी हिस्से में प्रवेश कर लिया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है। अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के राज्य के अन्य हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है।

 

मानसून के प्रवेश के साथ ही प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। मौसम विभाग ने बुधवार को उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं कोटा संभाग के कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश होने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

विभाग के अनुसार जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग में अगले 5 से 7 दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कई जगह भारी, जबकि कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश दर्ज हो सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम करवट लेने वाला है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में आगामी दिनों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है।

पिछले 5 वर्षों में राजस्थान में मानसून की एंट्री

2026 (2 जुलाई): सामान्य से 7 दिन की देरी से मानसून ने पूर्वी राजस्थान में प्रवेश किया। इसकी उत्तरी सीमा टोंक, जयपुर और अलवर तक पहुंची।
– 2025 (18 जून): मानसून ने सामान्य समय से पहले दस्तक दी। प्रवेश दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और झालावाड़ क्षेत्र से हुआ।
– 2024 (25 जून): मानसून का प्रवेश दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिले से हुआ।
– 2023 (25 जून): मानसून ने बांसवाड़ा–प्रतापगढ़ क्षेत्र से राजस्थान में एंट्री की और इसके बाद अन्य जिलों की ओर बढ़ा।
– 2022 (30 जून): मानसून ने बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और झालावाड़ के रास्ते राजस्थान में प्रवेश किया, जो सामान्य तिथि से कुछ दिन बाद था।