बनास नदी पर निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता पर उठे सवाल, जनता ने मांगा उच्चस्तरीय तकनीकी निरीक्षण

(रमेश चंद्र डाड)

आकोला |स्मार्ट हलचल।आकोला निकटवर्ती बनास नदी पर निर्माणाधीन पुल का कार्य इन दिनों तेजी से जारी है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले इस महत्वपूर्ण पुल में आखिर किस ग्रेड का सरिया, कौन-सा ब्रांड और ग्रेड का सीमेंट, किस गुणवत्ता की निर्माण सामग्री तथा स्वीकृत डिजाइन के अनुसार कितनी मात्रा में सामग्री का उपयोग किया जाना है और वास्तविक रूप से कितना उपयोग हो रहा है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं है। यदि नियमानुसार परियोजना संबंधी सूचना बोर्ड लगाया जाना आवश्यक है तो उसे तत्काल लगाया जाए, ताकि परियोजना लागत, निर्माण एजेंसी, कार्य अवधि, तकनीकी विवरण और गुणवत्ता संबंधी जानकारी आमजन के सामने आ सके।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर सरिए की मात्रा अपेक्षा से कम दिखाई दे रही है, जिससे पुल की मजबूती और उसकी दीर्घकालिक सुरक्षा को लेकर आशंकाएं पैदा हो रही हैं। हालांकि इन दावों की पुष्टि केवल सक्षम तकनीकी जांच के बाद ही संभव है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में किस व्यास का सरिया, कितनी लेयर, किस ग्रेड का कंक्रीट और कौन-सा सीमेंट उपयोग में लिया जा रहा है, इसकी पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अब तक पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से निरीक्षण नहीं किया। ऐसे में जनता ने मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता से मांग की है कि वे तत्काल मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का तकनीकी निरीक्षण करें, उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता और मात्रा की जांच करवाएं तथा पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक करें। आखिर करोड़ों रुपये की इस जनहित परियोजना में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? अब पूरे क्षेत्र की नजर पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई है।