रायपुर थाने के कांस्टेबल पर मारपीट का आरोप, पीड़ित परिवार ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार, पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

पुनित चपलोत
भीलवाड़ा।स्मार्ट हलचल।जिले के रायपुर थाना क्षेत्र के लड़की गांव में जमीन विवाद ने तूल पकड़ लिया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर पक्षपात और थाने में मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाते हुए शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक सागर राणा को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। राजपूत समाज के प्रतिनिधियों के साथ पहुंचे परिवार ने रायपुर थाने में तैनात कांस्टेबल गोरखाराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निलंबन की मांग भी उठाई।

पीड़ित राजू सिंह ने बताया कि लड़की गांव में उनके पड़ोसी भैरू रावल से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि 30 जून को भैरू रावल उनके बाड़े में घुस आया और पपीते व अमरूद के पेड़ काट दिए। विरोध करने पर उनकी माता के साथ अभद्रता की गई तथा कुल्हाड़ी दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई। इसकी शिकायत रायपुर थाने में देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

परिवार का आरोप है कि शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे कांस्टेबल गोरखाराम ने कार्रवाई करने के बजाय पहले आरोपी पक्ष से बातचीत की। बाद में दोनों पक्षों की महिलाओं के बीच कहासुनी हुई, जिसका वह वीडियो बनाता रहा, लेकिन विवाद रोकने या उचित कार्रवाई करने का प्रयास नहीं किया।

पीड़ित परिवार के अनुसार, 1 जुलाई की रात कांस्टेबल गोरखाराम और अन्य पुलिसकर्मी बयान लेने के बहाने राजू सिंह के भाई गोटू सिंह को रायपुर थाने ले गए, जहां रातभर उसके साथ मारपीट की गई और बिना किसी अपराध के थाने में बैठाए रखा गया। अगले दिन जमानत पर रिहा होने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। पहले उसे रायपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद महात्मा गांधी अस्पताल, भीलवाड़ा रेफर कर दिया गया। वर्तमान में उसका उपचार जारी है।

परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी पक्ष को संरक्षण दे रही है और भैरू रावल उनके बाड़े के पास स्थित गली पर कब्जा करना चाहता है। ज्ञापन में कांस्टेबल गोरखाराम एवं अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निलंबित करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच कराने की मांग की गई है।

समाजसेवी बबलू ठूमिया ने बताया कि लडक़ी गाँव निवासी पीड़ित राजू सिंह के परिवार का पड़ोसी भेरू रावल ने घर के पीछे बनी गैलरी में लगे पौधे काट दिए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। बाद में रायपुर थाने में पदस्थापित कांस्टेबल गोरखाराम, जो अक्सर भेरू रावल के घर आता-जाता है गोरखाराम ने परिवार के सदस्य गोटू सिंह को बातचीत के बहाने बुलाया और फिर उसे रायपुर थाने ले जाकर बंद कर दिया। गोटू सिंह के साथ थाने में मारपीट की गई। परिजनों का कहना है कि जब वे थाने पहुंचे तो उन्हें उसकी मौजूदगी की जानकारी नहीं दी गई। अगले दिन शांति भंग की आशंका में कार्रवाई के तहत जमानत मिलने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर पहले रायपुर अस्पताल और फिर महात्मा गांधी अस्पताल, भीलवाड़ा रेफर किया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। मामले को लेकर राजपूत समाज में आक्रोश है। समाज की ओर से पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कांस्टेबल गोरखाराम के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई व पड़ोसी भेरू रावल के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई है। यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।