(पंकज पोरवाल)
भीलवाड़ा |स्मार्ट हलचल।शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले तेजाजी चौक स्थित भीमेश्वर महादेव मंदिर के पास बने लगभग 400 वर्ष पुराने प्राचीन हनुमान जी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को लेकर स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता व्याप्त है। मंदिर के मूल परिसर की चारदीवारी वर्तमान में पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और इसके किसी भी समय ढह जाने की गंभीर आशंका बनी हुई है। इस संबंध में स्थानीय सजग नागरिक ओंकार दास की अगुवाई में जिला कलेक्टर को एक लिखित आवेदन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। मंदिर के पुजारी भरतराम जोशी (गुरु दयालु) के अनुसार, यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र के हजारों लोगों की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन सुबह-शाम नियमित रूप से पूजा-अर्चना, आरती तथा विभिन्न धार्मिक एवं मांगलिक आयोजनों का सिलसिला चलता रहता है। हर पर्व और विशेष अवसरों पर यहाँ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में अत्यंत जर्जर हो चुकी चारदीवारी के चलते हर समय किसी बड़े हादसे या जनहानि की पर्याप्त संभावना बनी रहती है, जिससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ वहाँ से गुजरने वाले राहगीरों की जान भी जोखिम में है। विनोद चतुर्वेदी, विजय कसारा, प्रहलाद खटीक सहित स्थानीय भक्तों का कहना है कि यह धरोहर न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि समय रहते जिला प्रशासन द्वारा नई चारदीवारी का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं करवाया गया, तो कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। पूर्व में भी कलेक्टर कार्यालय के आवक अनुभाग में इस संबंध में औपचारिक आवेदन सौंपकर प्रशासन का ध्यान इस अति-संवेदनशील मुद्दे की ओर आकर्षित कराया जा चुका है। प्रशासन को सौंपे गए पत्र में निवेदन किया गया है कि जनहित और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वाेपरि मानते हुए इस प्राचीन मंदिर की चारदीवारी का नए सिरे से निर्माण कार्य अविलंब स्वीकृत किया जाए। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत बजट आवंटन और निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके और इस प्राचीन धरोहर को भी सुरक्षित किया जा सके।
