उदयपुर के डॉ. सतीश शर्मा को राष्ट्रीय समिति में मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

उदयपुर, 7 जुलाई। स्मार्ट हलचल।उदयपुर निवासी एवं राजस्थान वन विभाग के सेवानिवृत्त वरिष्ठ वन अधिकारी डॉ. सतीश कुमार शर्मा को भारत सरकार के केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS) द्वारा गठित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय समिति में सदस्य नियुक्त किया गया है।CCRAS के महानिदेशक की स्वीकृति से गठित यह समिति राजस्थान के अजमेर जिले स्थित मंगलियावास में विकसित किए जा रहे “गुग्गुलु हर्बल फार्म” के समग्र विकास के लिए सुझाव देगी। समिति में देशभर के आयुर्वेद, वनस्पति विज्ञान, वानिकी, उद्यानिकी एवं आधारभूत संरचना से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

समिति का दायित्व हर्बल फार्म के लिए आवश्यक विकास कार्यों, आधारभूत संरचना, उद्यानिकी एवं संबद्ध गतिविधियों की समीक्षा करना, विकास मॉडल सुझाना, बजट का प्रारूप तैयार करना तथा विस्तृत कार्यान्वयन प्रस्ताव बनाना है।

विशेष उल्लेखनीय है कि डॉ. सतीश शर्मा को उनके लंबे वन प्रबंधन अनुभव, औषधीय पौधों के संरक्षण एवं पर्यावरणीय विषयों पर विशेषज्ञता को देखते हुए समिति में शामिल किया गया है। वे राजस्थान में वन संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के क्षेत्र में लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

उदयपुर सहित मेवाड़ क्षेत्र के लिए यह गौरव का विषय माना जा रहा है कि शहर के एक अनुभवी वन अधिकारी को राष्ट्रीय स्तर की इस महत्वपूर्ण पहल में योगदान देने का अवसर मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. शर्मा का अनुभव गुग्गुलु जैसी बहुमूल्य औषधीय वनस्पति के संरक्षण और वैज्ञानिक विकास में उपयोगी सिद्ध होगा।