स्कूल समय में छात्रों से पौधे ढुलवाने का मामला:विद्यार्थियों को ट्रैक्टर ट्रॉली में बैठाकर नर्सरी भेजा,शिक्षा विभाग सख्त:होगी नियमानुसार कार्रवाई

मंगरोप@मुकेश खटीक।स्कूलों में विद्यार्थियों को शिक्षा देने के बजाय उनसे अन्य कार्य करवाने का मामला सामने आया है।आमलीगढ़ पाछली राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को स्कूल समय में पौधे लेने के लिए हरनी महादेव स्थित नर्सरी भेजने का मामला सामने आया है।बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले विद्यालय के पांच-छह छात्रों को पौधारोपण के लिए पौधे लेने भेजा गया था।छात्र ट्रैक्टर की ट्रॉली में सवार होकर नर्सरी जा रहे थे जहां वे रास्ते में चलते ट्रैक्टर में नाचते गाते हुए नजर आए।मामले की जानकारी के लिए विद्यालय प्रधानाचार्या उमा डोलियां से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उस दिन स्कूल में पढ़ाई नहीं चल रही थी,इसलिए छात्रों को पौधे लेने भेजा गया था।उन्होंने बताया कि छात्रों क साथ स्कूल से एक प्रशिक्षक को भी भेजा गया है जो उनके आगे पीछे निजी वाहन में होंगे लेकिन छात्रों को रोककर बात भी की गई लेकिन उनके साथ कोई नजर नहीं आया।हालांकि मामले की भनक लगने के बाद उन्होंने छात्रों को वापस बुला लिया।
वहीं सवाल यह उठ रहा है कि जब पौधारोपण जैसे कार्यों की जिम्मेदारी शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन की है तो फिर विद्यार्थियों को इसमें क्यों लगाया जा रहा है।स्कूल समय में बच्चों को पढ़ाई से दूर कर अन्य कार्यों में लगाना शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

गोविन्दपुरा स्कूल के नन्हे बच्चों से भी ढुलवाए पौधे

शनिवार को ग्राम पंचायत पालड़ी के गोविन्दपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय के तीन से चार छोटे बच्चों को भी नर्सरी में पौधे ढोने के लिए लाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कैमरे से वीडियो बनता देख शिक्षक ने बच्चों को एक ओर छिपने के निर्देश दिए।इस घटना का वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

एसीबीईओ ने दिए कार्रवाई के संकेत

सहायक मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी(एसीबीईओ)विजय पाल वर्मा ने कहा कि यदि कोई विद्यालय स्कूल समय में विद्यार्थियों को किसी भी स्थान पर विशेषकर पौधे लाने जैसे कार्यों के लिए ले जाता है तो संबंधित के खिलाफ विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों को शिक्षा के समय अन्य कार्यों में लगाना उचित नहीं है।