गांव बाहर भोज में चूरमा-बाटी का भोग लगाकर इंद्रदेव से अच्छी बारिश की कामना

गेणोली में पारंपरिक लोक उत्सव के तहत देवी-देवताओं का पूजन, क्षेत्र की खुशहाली और अच्छी वर्षा की प्रार्थना

महावीर सेन

मांडलगढ़, स्मार्ट हलचल। मांडलगढ़ क्षेत्र के गेणोली गांव में रविवार को मेवाड़ की परंपरा के अनुरूप गांव बाहर भोज (गांव-बारो) का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से दाल-बाटी-चूरमा तैयार कर विभिन्न लोक देवी-देवताओं को भोग अर्पित किया तथा इंद्रदेव की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में अच्छी वर्षा, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान खूंट कंकाली माताजी, देवनारायण भगवान, भैरूनाथ, तेजाजी महाराज, चारभुजानाथ, नाहर सिंह, चौथ माताजी एवं इंद्रदेव का विधिवत पूजन कर भोग लगाया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक भोजन कर आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश दिया।

सामाजिक कार्यकर्ता शंकरलाल माली, भूरालाल माली, लादूलाल माली, जगदीश माली, गणपत माली, देवलाल माली एवं लोकेश माली ने बताया कि गांव बाहर भोज मेवाड़ की प्राचीन लोक परंपरा है, जिसका उद्देश्य सामाजिक सौहार्द बनाए रखना, परिवारों के बीच प्रेम और सहयोग बढ़ाना तथा अच्छी वर्षा की कामना करना है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र के किसानों ने मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, उड़द, तिल एवं मूंगफली जैसी खरीफ फसलों की बुवाई कर दी है। अब इन फसलों की अच्छी बढ़वार के लिए समय पर वर्षा अत्यंत आवश्यक है। इसी भावना के साथ ग्रामीणों ने इंद्रदेव से भरपूर बारिश की प्रार्थना की।

ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी पारंपरिक लोक परंपराएं सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत बनाए रखती हैं।