साहू समाज का महाकुंभ बना भीलवाड़ा, राष्ट्रीय महासम्मेलन की तैयारियों पर हुआ मंथन

प्रदेशभर से पहुंचे 500 से अधिक पदाधिकारी, सामाजिक एकता, शिक्षा और संगठन सशक्तीकरण पर जोर
भीलवाड़ा। स्मार्ट हलचल|राजस्थान प्रांतीय तैलीक साहू महासभा की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक रविवार को भीलवाड़ा स्थित हरिशेवाधाम में भव्य रूप से आयोजित की गई। प्रदेशभर से आए करीब 500 पदाधिकारियों, समाजसेवियों एवं प्रबुद्धजनों की उपस्थिति ने आयोजन को एक महाकुंभ का स्वरूप प्रदान कर दिया। बैठक में आगामी दिनों में भीलवाड़ा में प्रस्तावित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक एवं जनचेतना महासम्मेलन की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा समाज के सर्वांगीण विकास, संगठन विस्तार और युवा पीढ़ी को समाज से जोड़ने के विषय पर मंथन हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ हरीशेवाधाम महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने आशीर्वचन में उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, संस्कार और संगठन में निहित होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों का आह्वान किया कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक संगठन की विचारधारा और सेवा कार्यों को पहुंचाएं।

अखिल भारतीय तैलीक साहू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष टी.सी. चैधरी ने कहा कि साहू समाज देश के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में निरंतर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उन्होंने समाज के युवाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और राष्ट्रीय स्तर पर समाज की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा में प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक पूरे देश के साहू समाज को एक नई दिशा देने का कार्य करेगी।

प्रदेशाध्यक्ष देवीलाल साहू ने कहा कि संगठन की मजबूती ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने प्रदेशभर में चल रहे संगठन विस्तार अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले और तहसील स्तर तक महासभा को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने समाज के लोगों से सामाजिक कुरीतियों को त्यागकर शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

महामंत्री आत्माराम लाईवाल ने संगठन की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि समाज की प्रगति के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महासम्मेलन में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, महिला सशक्तीकरण और युवा नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष चर्चा होगी।

महामंत्री मेघराज साहू ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सामाजिक जागरूकता अभियानों को गांव-गांव तक पहुंचाने तथा समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों और युवाओं को मंच प्रदान करने पर बल दिया।

संगठन महामंत्री गोपाललाल साहू ने कहा कि संगठन तभी मजबूत बनता है जब प्रत्येक कार्यकर्ता स्वयं को जिम्मेदार समझकर कार्य करे। उन्होंने पदाधिकारियों से समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने और अधिकाधिक लोगों को महासभा से जोड़ने का आह्वान किया।

प्रदेश महिला अध्यक्ष अनुपमा मोदी ने महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति महिलाओं की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने महिला शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक नेतृत्व को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक अवसर दिए जाने चाहिए।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शौकीन चन्द्र राठौर ने भीलवाड़ा में प्रस्तावित जन चेतना सम्मेलन को सफल बनाने के लिए समाज के भामाशाहों से इस आयोजन में बढ़ चढ़कर सहयोग की अपील की।
राष्ट्रीय पदाधिकारी ईश्वरलाल साहू ने कहा कि समाज की आर्थिक और सामाजिक उन्नति के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। वहीं जगन्नाथ सौलंकी ने सामाजिक समरसता, भाईचारे और संगठनात्मक अनुशासन को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया।

राष्ट्रीय युवक कार्यकारी अध्यक्ष देवराज तेली ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, तकनीकी ज्ञान, उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देकर समाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

बैठक मे एडवोकेट लादूलाल तेली ने भी आगामी दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम को लेकर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम संयोजक प्रहलाद राय दिया ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक एवं जनचेतना महासम्मेलन की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि भीलवाड़ा में आयोजित होने वाला यह आयोजन ऐतिहासिक होगा। इसमें देशभर से समाज के प्रमुख पदाधिकारी, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं समाज के गणमान्यजन भाग लेंगे। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आयोजन को सफल बनाने के लिए सामूहिक सहयोग का आग्रह किया।

बैठक के दौरान विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई तथा समाज में शिक्षा के प्रसार, छात्रावासों के विकास, प्रतिभा सम्मान, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के कौशल विकास और संगठन विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। पूरे कार्यक्रम में उत्साह, एकता और सामाजिक चेतना का वातावरण देखने को मिला। उपस्थित पदाधिकारियों ने एक स्वर में समाज को संगठित, शिक्षित और सशक्त बनाने के संकल्प को दोहराया।

बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों, समाजसेवियों और प्रबुद्धजनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। हरिशेवाधाम परिसर दिनभर समाज की एकता, उत्साह और संगठनात्मक शक्ति का साक्षी बना रहा।
ये रहे मौजूद
बैठक में मंच संचालन सहसंयोजक एड़वोकेट कुशल साहू, भीलवाड़ा जिलाध्यक्ष कैलाशचन्द्र आसरवा, शहर युवा अध्यक्ष राजकुमार डगवाल, नवनियुक्त महिला जिलाध्यक्ष रामू देवी अगवाल, शहर अध्यक्ष सीमा साहू, युवा जिलाध्यक्ष राजू तेली, ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामपाल तेली, शाहपुरा जिलाध्यक्ष गोपाल ढाकरिया, आशा अगवाल, कार्यक्रम समन्वयक मुकेश तेली, गोपाल आसरवा भीलवाड़ा,राष्ट्रीय पदाधिकारी कैलाश इन्दौरा, जगन्नाथ सौलंकी, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष देवेन्द्र साहू, जयन्ती लाल राठौर, शम्भूलाल साहू नसीराबाद, बंशीलाल दशोरा निम्बाहेड़ा, शुगन बोहरा, राजेन्द्र बोहरा, अशोक साहू शाहपुरा, देवीलाल पचलोडिया राजसमन्द, पिन्टू असारवा ब्यावर, धनराज साहू अजमेर, युवराज राठौर बून्दी, नवरतन बलसोरा, भरत पचलोडिया, पिन्टू नैनावा उदयपुर, चन्द्रकांता राठौर चित्तौड़गढ़, हरिबक्ष गुलानिया, बजरंग कसोदनिया, बद्रीलाल तेली, राजेन्द्र कसोदनिया, नंदकिशोर पंचोली, ओम प्रधान कोटा, ईश्वर मोदी, भंवरलाल बानीणा चार चोकला अध्यक्ष, गोपाल दिया भीलवाड़ा, भैरूलाल काछोला, बनवारी दिया हरणी, देवीलाल साहू जाडाणा, सत्यनारायण तेली ऊंचा, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष शिवलाल तेली ,राजेश कसोदणिया प्रतापगढ़ ,रामेश्वर लाल गुलांणिया,मिठूलाल मांदरिया,माधवलाल सरतलिया कुंवालिया,श्यामलाल सोनावा भगवान पुरा,कालुराम सेंतवाल गंगापुर, प्यार चंद तेली रघुनाथपुरा, बद्रीलाल तेली बड़ला,हरीशंकर दिया सहित सैकड़ो प्रबुद्ध समाजजन मोजूद थे।