पुनित चपलोत
भीलवाड़ा । जिले के सबसे बड़े अस्पताल महात्मा गांधी अस्पताल के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में प्रसूता की मौत के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। मृतका के परिजनों ने बुधवार को भीमगंज थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर अस्पताल के चिकित्सकों व मेडिकल स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन अनशन किया जाएगा।
पीड़ित जितेन्द्र कुमार जीनगर ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि वह पोटला गांव का निवासी है। उसकी पत्नी संगीता जीनगर को 9 जुलाई 2026 को प्रसव के लिए महात्मा गांधी अस्पताल के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि भर्ती के बाद पूरे दिन तक प्रसूता की समुचित देखभाल नहीं की गई और परिजनों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।
जितेन्द्र का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद जन्मी नवजात बच्ची को आवश्यक ऑब्जर्वेशन में रखने के बजाय परिजनों के हवाले कर दिया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में उसे उदयपुर रेफर करना पड़ा। वहीं प्रसूता की हालत भी लगातार बिगड़ती गई। अत्यधिक रक्तस्राव होने के बावजूद समय पर प्रभावी उपचार नहीं मिला। बाद में चिकित्सकों ने बच्चेदानी निकालने का निर्णय लिया, लेकिन इसके बावजूद संगीता की जान नहीं बचाई जा सकी।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने से पहले संगीता पूरी तरह सामान्य थी और स्वयं चलकर वार्ड तक गई थी। उनका आरोप है कि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण यह दुखद घटना हुई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे।
