खुले में डंप हो रहा शहर का कचरा, दुर्गंध और गंदगी से ग्रामीण बेहाल; संक्रामक बीमारियों का मंडराया खतरा
बेहजम खीरी।स्मार्ट हलचल|स्वच्छ भारत मिशन और साफ-सुथरे शहरों के सरकारी दावों के बीच लखीमपुर की ग्राम पंचायत कोढ़ैय्या से सामने आई तस्वीरें व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पालिका परिषद लखीमपुर के कूड़ा उठाने वाले वाहन शहर का कचरा लाकर लखीमपुर–बेहजम मार्ग के किनारे खुले में डंप कर रहे हैं। इससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार बरसात के मौसम में खुले में पड़ा कूड़ा अब सड़ने लगा है, जिससे मच्छरों और मक्खियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पहले से जलभराव और कीचड़ की समस्या झेल रहे गांव में अब संक्रामक बीमारियों का खतरा भी गहरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कूड़ा हटाकर इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और अन्य संक्रामक रोग फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सबसे चिंता की बात यह है कि जिस स्थान पर कूड़ा डाले जाने का आरोप है, उसके निकट एक विद्यालय भी स्थित है। प्रतिदिन स्कूल आने वाले बच्चों को बदबू और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि खुले में सड़ते कचरे से उठने वाली दुर्गंध और बीमारी फैलाने वाले कीट बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब शहर के ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के लिए निर्धारित स्थल मौजूद है, तो आखिर गांव की आबादी के पास कूड़ा किसके आदेश पर डंप कराया जा रहा है? उनका कहना है कि शहर को स्वच्छ दिखाने के नाम पर गांवों को कूड़ाघर बनाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और नगर पालिका परिषद से तत्काल मामले की जांच कर खुले में डंप किए गए कूड़े को हटाने, यदि अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
