मिलाद, कुरआनख्वानी और कुल शरीफ के साथ देश-दुनिया में अमन-चैन व खुशहाली की मांगी दुआ
चित्तौड़गढ़, स्मार्ट हलचल। शहर के खा़नकाहे अशरफिया, छीपा मोहल्ला में सैय्यद मख्दुम अशरफ जहांगीर सिमनानी रदियल्लाहो अन्हु का 640वां दो दिवसीय उर्स अकीदत और धार्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। उर्स का आयोजन सज्जादानशीन हाजी मौलाना मोहम्मद यूसुफ अशरफी की सरपरस्ती एवं शहर काज़ी अल्हाज अब्दुल मुस्तफा चिश्ती करीमी की सदारत में किया गया।
उर्स के पहले दिन ईशा की नमाज के बाद खा़नकाहे अशरफिया में महफिले मिलाद शरीफ का आयोजन हुआ। इस दौरान मौलाना जुनेद अशरफी, मौलाना उमेर अशरफी, जुनैद बरकाती, फैज़ल कादरी और फैज़ अहमद अशरफी ने नात-ए-पाक व मनकबत पेश की। वहीं मौलाना मोहम्मद जुबेर अशरफी अज़हरी ने हजरत मख्दुम पाक की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए जरूरतमंदों की सहायता और मानव सेवा का संदेश दिया।
उर्स के दूसरे दिन दरगाह शरीफ हजरत सैय्यद सरदार अहमद अशरफी में कुरआनख्वानी एवं कुल शरीफ की महफिल आयोजित की गई। कार्यक्रम में नात, मनकबत और कुरआन शरीफ की तिलावत के बाद सज्जादानशीन हाजी मोहम्मद यूसुफ अशरफी ने शिजरा पढ़ा। मौलाना जुबेर अशरफी ने दुरूद ताज पढ़ी तथा शहर काज़ी अब्दुल मुस्तफा चिश्ती और मौलाना जुनेद अशरफी ने ईसाले सवाब पेश किया। अंत में मौलाना मोहम्मद उमेर अशरफी ने देश-दुनिया में अमन, भाईचारे और सभी की खुशहाली के लिए विशेष दुआ कराई।
कार्यक्रम का समापन कुल शरीफ की रस्म के साथ हुआ। इस अवसर पर शहर के विभिन्न मस्जिदों के इमाम, उलेमा-ए-किराम एवं बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
