तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले शुरू करने की मांग, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत ने किया प्रदर्शन

मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 17 जुलाई को संभागीय मुख्यालयों पर आंदोलन की चेतावनी

चित्तौड़गढ़, स्मार्ट हलचल। तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लंबे समय से लंबित स्थानांतरण शुरू करने की मांग को लेकर बुधवार को राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के बैनर तले शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष जयपाल बुरड़क के नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामचंद्र खटीक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई।

जिलामंत्री प्रदीप चौधरी ने बताया कि तृतीय श्रेणी शिक्षक पिछले आठ वर्षों से स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं, जबकि अन्य संवर्गों के तबादले नियमित रूप से किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश का सबसे बड़ा शिक्षक वर्ग लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहा है, जबकि सरकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने में इसी वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

जिलाध्यक्ष जयपाल बुरड़क ने कहा कि पिछले छह वर्षों से थर्ड ग्रेड से सेकंड ग्रेड की डीपीसी भी लंबित है। उनका आरोप था कि सरकार की कमजोर पैरवी के कारण यह मामला अभी तक सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

जिला उपाध्यक्ष विजेंद्र अवाना ने कहा कि हाल ही में राजनीतिक आधार पर किए गए तबादलों में गंभीर बीमारी से पीड़ित, विधवा, एकल महिला तथा सेवानिवृत्ति के निकट कर्मचारियों को भी प्रभावित किया गया है। इससे प्रदेशभर में शिक्षक-छात्र अनुपात भी असंतुलित हुआ है।

शिक्षक संघ ने सरकार से पारदर्शी एवं स्थायी स्थानांतरण नीति लागू कर नियमित तबादले करने की मांग की। जिलासभाध्यक्ष सुनील यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 17 जुलाई को प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान जिला कोषाध्यक्ष विकास जांगिड़, जिला संयुक्त मंत्री सचिन मान, संगठन प्रचार मंत्री रामरतन, बेगूं उपशाखा अध्यक्ष प्रताप सिंह हाड़ा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।