रेलवे अस्पताल में हाई रिस्क मरीज की नाक की गांठ का सफल ऑपरेशन, लगातार खून बहने से हो गई थी खून की कमी

एजाज़ अहमद उस्मानी

स्मार्ट हलचल|उत्तर पश्चिम रेलवे के मंडल रेलवे अस्पताल में ईएनटी विभाग की टीम ने एक जटिल और हाई रिस्क सर्जरी सफलतापूर्वक कर 70 वर्षीय सेवानिवृत्त रेलकर्मी को राहत पहुंचाई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ सीताराम बुनकर ने बताया कि अस्पताल के कान-नाक-गला विभाग के ऑपरेशन थिएटर में वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी (ईएनटी) डॉ गुलाब सिंह सारण ने मरीज की बाईं नाक में बनी रक्त की गांठ का सफल ऑपरेशन किया। उन्होंने बताया कि मरीज पिछले तीन वर्षों से नाक बंद रहने और नाक से खून आने की समस्या से परेशान था। लगातार खून बहने के कारण शरीर में खून की कमी भी हो गई थी, जिसके लिए ऑपरेशन से पहले अलग से रक्त की व्यवस्था की गई। जांच में पता चला कि नाक में करीब चार वर्षों से रक्त की गांठ बनी हुई थी, जो पिछले कुछ दिनों से अधिक रक्तस्राव का कारण बन रही थी। रोगी ने निजी अस्पताल में भी इस हेतु संपर्क किया लेकिन अंततः रेलवे अस्पताल में ही उपचार करवाना उचित समझा।
मरीज को पिछले 10 वर्षों से मधुमेह और उच्च रक्तचाप की बीमारी है तथा दो वर्ष पहले हृदय में स्टेंट भी लगाया गया था। इन गंभीर बीमारियों के कारण मरीज को हाई रिस्क मानते हुए आवश्यक कंसेंट लेकर सर्जरी की गई। मंडल रेलवे चिकित्सालय के मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में करीब दो घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद गांठ को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया और मरीज को राहत मिली। वर्तमान में मरीज स्वस्थ है।डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता के कारण
कर्मचारियों,पेंशनभोगियों और उनके परिजनों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने चिकित्सकों और पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की जटिल सर्जरी का सफलतापूर्वक होना अस्पताल की क्षमता और दक्षता को दर्शाता है।
हाल ही में महानिदेशक रेलवे स्वास्थ्य सेवा डॉ जगदीश चंद्र और प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ कृष्ण कुमार ने भी रेलवे अस्पताल जोधपुर का दौरा कर मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और सर्जिकल टीम के कार्य की सराहना की थी।

*इनका रहा सहयोग*
ऑपरेशन के दौरान निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ प्रद्युम्न कुमार साहू के साथ नर्सिंग स्टाफ राजवंत कौर, ऋषि गहलोत तथा ड्रेसर सुरेंद्र और चंद्र प्रकाश ने सहयोग किया।