सुनेल, 21 जुलाई ।
स्मार्ट हलचल|सुनेल तहसील क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में सोमवार को सिरपोई, सामरिया, लालगांव और सुनेल के सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए। तेज बारिश के बावजूद ग्रामीण करीब दो घंटे तक विद्युत विभाग कार्यालय के बाहर डटे रहे और स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार एवं विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। बाद में मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटर योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने के साथ उपभोक्ताओं से धरोहर राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) भी जमा कराई जा रही है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की कि जिन उपभोक्ताओं की सहमति नहीं है, उनके यहां जबरन स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएं और पुराने मीटर ही यथावत रखे जाएं। ग्रामीणों ने ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया कि सिरपोई गांव में रोस्टर के अनुसार अघोषित बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आमजन, किसान और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने और नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
ग्रामीणों ने सरकार से बिजली उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट मीटर योजना की निष्पक्ष समीक्षा कराने तथा किसी भी उपभोक्ता पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई रोकने की मांग की। उनका कहना था कि आमजन की सहमति और विश्वास के बिना ऐसी योजना लागू करना उचित नहीं है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे। तेज बारिश के बीच भी प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अडिग रहे और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि पांच दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन एवं विद्युत विभाग की होगी।
