सुनील बाजपेई
कानपुर।स्मार्ट हलचल|मौत किसी न किसी बहाने से इंसान को अपने साथ ले जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष के साथ, जिन्हें मौत बेटे के गम के बहाने अपने साथ ले गई। उन्होंने कानपुर में खुद को गोली से उड़ा दिया।
यह घटना यहां के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र अंतर्गत बसंत विहार में हुई। परिवार के अनुसार, आलोक सिंह कल मंगलवार शाम अपने कमरे में गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। जानकारी के मुताबिक आज बुधवार सुबह जब देर तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा. बिस्तर पर उनका खून से लथपथ शव पड़ा मिला।
इस दौरान पुलिस द्वारा कीगई प्रारंभिक जांच में पता चला कि आलोक सिंह ने अपनी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से सिर में गोली मारी। फिलहाल कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है ।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस बीच यह भी पता चला है कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाई भी रहे आलोक सिंह की पत्नी विनीता पिछले दो वर्षों से दोनों बेटियों के साथ लखनऊ में रह रही थीं। परिजनों का कहना है कि बेटे की मौत के बाद पारिवारिक दूरी और तनाव के कारण आलोक सिंह शराब का अधिक सेवन भी करने लगे थे। वहीं दूसरी हनुमंत विहार थाना प्रभारी ने प्रारंभिक जांच में घटना आत्महत्या ही प्रतीत होने की संभावना जताते हुए आलोक सिंह की लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में लेने और घटना की जांच किए जाने की बात कही है।
