(महेन्द्र नागौरी)
मेजा बांध से जलमग्न होता है पुराना श्मशान, वैकल्पिक स्थल पर न टीनशेड, न चारदीवारी; स्थायी समाधान की मांग तेज
भीलवाड़ा |स्मार्ट हलचल|मांडल तहसील के पीथास गांव में श्मशान घाट की बदहाल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बरसात के बीच एक शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को करीब चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बाद में ग्राम पंचायत प्रशासक छोटू सिंह चुंडावत ने निजी खर्च से अस्थायी टीनशेड की व्यवस्था करवाई, तब जाकर अंतिम संस्कार हो सका।
ग्रामीणों ने बताया कि नदी किनारे स्थित पुराना श्मशान मेजा बांध भरने के बाद पूरी तरह जलमग्न हो जाता है, जबकि वैकल्पिक श्मशान घाट पर न टीनशेड है, न चारदीवारी और चारों ओर गंदगी फैली हुई है। ऐसे में बरसात के दौरान अंतिम संस्कार करना भी बड़ी चुनौती बन जाता है।
ग्राम पंचायत प्रशासक छोटू सिंह चुंडावत ने बताया कि वर्तमान वैकल्पिक स्थल पेटा काश्त भूमि होने के कारण वहां स्थायी निर्माण नहीं कराया जा सकता। श्मशान घाट के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मानव गरिमा से जुड़े इस गंभीर मुद्दे का शीघ्र स्थायी समाधान करने की मांग की है।
