बारिश में सड़क बनी तालाब-कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुआ समाधान; ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी से स्थायी जल निकासी की मांग की
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/अलीगढ़। स्मार्ट हलचल|उनियारा उपखंड क्षेत्र की चौरू ग्राम पंचायत कस्बा में बारिश के पानी की समुचित निकासी नहीं होने से ग्राम पंचायत चोरू मुख्यालय स्थित बस स्टैंड के पास सड़क पर गंभीर जलभराव की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की अनदेखी के चलते हर वर्ष यही स्थिति बनती है, जिससे आमजन, स्कूली विद्यार्थियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को हुई बारिश में कस्बा की सड़क दरिया बनती नजर आई।
जानकारी के अनुसार टोंक–सवाई माधोपुर नेशनल हाईवे बाईपास से जुड़े चौरू बस स्टैंड के समीप सड़क पर बारिश का पानी जमा रहने से दोपहिया वाहन चालक और राहगीर आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं। जलभराव के कारण सड़क पर आवागमन बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों और आसपास के दुकानदारों ने बताया कि इसी मार्ग से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राएं प्रतिदिन विद्यालय आते-जाते हैं। लंबे समय तक सड़क पर पानी भरा रहने से विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों को भारी असुविधा होती है। तेज बारिश के दौरान हालात और भी बदतर हो जाते हैं तथा सड़क से गुजरना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने और जगह-जगह गड्ढे होने से पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका के साथ-साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से मौसमी बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। छोटे-छोटे बच्चों को गंदे पानी से होकर विद्यालय जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
*ग्रामीणों की मांग*
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं जनप्रतिनिधियों से चौरू बस स्टैंड के पास स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित कर सड़क का सुधार कराने की मांग की है, ताकि हर वर्ष होने वाली इस समस्या से आमजन और विद्यार्थियों को स्थायी राहत मिल सके।
*क्या कहते हैं जिम्मेदार*
समस्या को लेकर ग्राम पंचायत चोरू प्रशासक रामसहाय मेरोठा का कहना हैं कि”सड़क मार्ग पर बारिश के पानी के भराव की समस्या को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग एवं स्थानीय विधायक राजेंद्र गुर्जर को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है।” जल्द ही समस्या समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
— रामसहाय मेरोठा, प्रशासक, ग्राम पंचायत चौरू
