जंतर-मंतर पर छात्रों से कथित बर्बरता के विरोध में बूंदी में कांग्रेस का मशाल जुलूस, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

बूंदी। स्मार्ट हलचल|दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित बर्बरता और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में गुरुवार शाम बूंदी में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में युवाओं और छात्र-छात्राओं की मौजूदगी में निकाले गए इस जुलूस का समापन जिला कलेक्ट्रेट पर हुआ, जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं।

प्रदर्शन में पूर्व मंत्री एवं हिंडोली विधायक अशोक चांदना, बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा, केशवरायपाटन विधायक सी.एल. प्रेमी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और सैकड़ों युवा शामिल हुए। सभी ने हाथों में मशालें लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

मशाल जुलूस की शुरुआत बूंदी बाईपास रोड से हुई। इसके बाद जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अहिंसा सर्किल पहुंचा और वहां से जिला कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ा। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर रखा था। सुरक्षा व्यवस्था के चलते प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया गया।

मौके पर उपखंड अधिकारी (एसडीएम) लक्ष्मीकांत मीणा पहुंचे, जहां कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने छात्र-छात्राओं की मौजूदगी में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता की जांच करवाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई।

इस दौरान पूर्व मंत्री एवं हिंडोली विधायक अशोक चांदना ने कहा कि देशभर के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरत रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और इससे भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

चांदना ने कहा कि यदि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं तो सरकार का दायित्व है कि वह उनकी बात सुने, न कि उनके साथ कठोर व्यवहार करे। उन्होंने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही प्रधानमंत्री से भी इस पूरे घटनाक्रम पर हस्तक्षेप कर छात्रों को न्याय दिलाने की अपील की।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी युवाओं के समर्थन में अपना आंदोलन जारी रखेगी। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा तथा विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।