मंगरोप@मुकेश खटीक।पंचायत क्षेत्र की बेसवारी रड़ी के पास स्थित किरखेड़ा गांव को जोड़ने वाला इकलौता कच्चा मार्ग इन दिनों पूरी तरह बदहाल हो चुका है।किसानों का आरोप है कि इस मार्ग से लगातार पत्थरों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही के कारण सड़क दलदल में तब्दील हो गई है।हालात ऐसे हैं कि अब इस रास्ते से दुपहिया वाहन निकालना तो दूर,पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।ग्रामीणों के अनुसार इसी मार्ग के आसपास दो दर्जन से अधिक किसानों के खेत स्थित हैं,जहां वे प्रतिदिन खेती-बाड़ी के लिए आते-जाते हैं।लेकिन सड़क की बदहाली के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।बरसात के चलते रास्ते में कीचड़ और गहरे गड्ढे बन गए हैं,जिससे कई बार वाहन फंस जाते हैं और लोग गिरकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है।किरखेड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला यही एकमात्र संपर्क मार्ग है।इसके बावजूद दिन-रात सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पत्थर भरकर इसी रास्ते से गुजर रही हैं।भारी वाहनों के लगातार दबाव से कच्ची सड़क पूरी तरह उखड़ गई है और जगह-जगह दलदल बन गया है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मार्ग की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में गांव का संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही पर प्रभावी रोक लगाई जाए,ताकि किसानों और ग्रामीणों को राहत मिल सके।उनका कहना है कि वर्षों से उपेक्षित इस सड़क की ओर जिम्मेदार विभाग ध्यान नहीं दे रहा,जबकि रोजाना सैकड़ों लोगों का आवागमन इसी रास्ते से होता है।
