आसिंद । आसिंद क्षेत्र में पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। मोतीपुर पंचायत की अव्यवस्थाओं की पोल खोलना एक पत्रकार को इस कदर भारी पड़ा कि दबंगों ने आधी रात को घर में घुसकर जानलेवा हमला कर दिया। जबरकिया निवासी पत्रकार भेरू लाल गुर्जर ने दो दिन पूर्व ग्राम पंचायत मोतीपुर के धोली गांव में व्याप्त गंदगी और प्रशासन की अनदेखी को लेकर एक खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इस खबर से बौखलाए रसूखदारों ने कानून को ताक पर रखकर बदले की साजिश रच डाली। पीड़ित के अनुसार, बीती रात करीब 10:40 बजे दबंगों ने उनके आवास पर जा रहे तभी रास्ते में ही हमला किया। हमले का नेतृत्व कर रहे मुख्य आरोपियों में ओमप्रकाश जाट (मोतीपुर सरपंच का देवर) रामेश्वर लाल जाट (सहायक सचिव) पुरण जाट,रामा जी खेड़ा, दहीचंद जाट राम जी का खेड़ा,पुरण गीरी बडला, हरफुल रायका राजु वैष्णव मोतीपुर,राजु मेवाड़ा, मोतीपुर,हसराज पिता नानुराम जाट, बडला आरोप है कि ये लोग अपने साथ करीब 20 से 25 अज्ञात बदमाशों को लेकर आए थे, जो लाठियों और लोहे के सरियों से लैस थे। हमलावरों ने घर में घुसकर न केवल गाली-गलौज की, बल्कि पत्रकार पर अंधाधुंध वार करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के समय पर पहुंचने और बीच-बचाव करने के कारण ही पत्रकार की जान बच सकी। घटना ने पुलिस प्रशासन की सुस्ती को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि पत्रकार भेरू लाल को कुछ महीने पहले भी इन्हीं लोगों ने जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए। इस कायरतापूर्ण हमले के बाद क्षेत्र के पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में गहरा रोष है। इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार देते हुए, पत्रकार भेरू लाल ने थानाधिकारी को लिखित शिकायत देकर आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है।
