हिमाचल की युवा नेत्र सर्जन ने डॉ. निपुण बागरेचा के मार्गदर्शन में लिया उन्नत प्रशिक्षण, यूएमबी मिस इंडिया 2025 विजेता भी हैं
कोटा, 25 जुलाई। स्मार्ट हलचल|हिमाचल प्रदेश के पालमपुर की युवा एवं प्रतिभाशाली नेत्र सर्जन डॉ. प्रिया कपिला ने सुवि नेत्र चिकित्सालय एवं लेसिक लेजर सेंटर, कोटा में मेडिकल रेटिना फेलोशिप सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली है। उन्होंने वरिष्ठ रेटिना विशेषज्ञ डॉ. निपुण बागरेचा के मार्गदर्शन में रेटिना संबंधी जटिल रोगों की पहचान, जांच, उपचार तथा दीर्घकालीन प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
सुवि नेत्र चिकित्सालय के निदेशक एवं वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय तथा डॉ. विदुषी शर्मा ने फेलोशिप पूर्ण करने पर डॉ. प्रिया कपिला को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चिकित्सा सेवा के साथ राष्ट्रीय स्तर पर उनकी उपलब्धियां युवा चिकित्सकों, विशेषकर महिला डॉक्टरों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञान, कौशल, संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का समन्वय ही उत्कृष्ट चिकित्सक की पहचान है।
वर्तमान में डॉ. प्रिया कपिला पालमपुर के मारंडा स्थित रोटरी आई हॉस्पिटल में कंसल्टेंट नेत्र सर्जन के रूप में सेवाएं दे रही हैं। चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के साथ उन्होंने जयपुर में आयोजित प्रतिष्ठित सौंदर्य एवं व्यक्तित्व प्रतियोगिता में “यूएमबी मिस इंडिया-2025” का खिताब भी अपने नाम किया। देशभर से प्राप्त करीब 1,300 प्रविष्टियों में से चयनित प्रतिभागियों के बीच उन्होंने अंतिम दौर तक पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि समर्पित चिकित्सक चिकित्सा के साथ व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व और रचनात्मक अभिव्यक्ति में भी नई ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं।
फेलोशिप के दौरान डॉ. प्रिया कपिला को इनडायरेक्ट ऑफ्थैल्मोस्कोपी, रेटिना संबंधी क्लिनिकल परीक्षण, एंटी-वीईजीएफ इंट्राविट्रियल इंजेक्शन, रेटिनल लेजर फोटोकोएगुलेशन तथा बैराज रेटिना लेजर जैसी आधुनिक उपचार तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही उन्होंने माइक्रो फेको मोतियाबिंद सर्जरी, प्रीमियम इंट्राऑक्युलर लेंस इम्प्लांटेशन, लेसिक लेजर सर्जरी एवं फेकिक लेंस इम्प्लांटेशन जैसी उन्नत नेत्र शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं का भी अवलोकन किया।
रेटिना विशेषज्ञ डॉ. निपुण बागरेचा ने बताया कि मेडिकल रेटिना प्रशिक्षण केवल तकनीकी प्रक्रियाएं सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक मरीज की स्थिति का वैज्ञानिक विश्लेषण, समय पर उपचार का निर्णय और नियमित फॉलो-अप भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि डॉ. प्रिया कपिला ने पूरे प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, सीखने की उत्सुकता और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण का उत्कृष्ट परिचय दिया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में सुवि नेत्र चिकित्सालय में बिहार, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और नई दिल्ली से आए युवा नेत्र चिकित्सक भी मेडिकल रेटिना फेलोशिप कर रहे हैं। संस्थान में नियमित क्लिनिकल कक्षाएं, केस डिस्कशन, उपचार योजना पर विचार-विमर्श और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से आधुनिक नेत्र चिकित्सा का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस.के. गुप्ता एवं डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि सुवि नेत्र चिकित्सालय अब तक देश के विभिन्न राज्यों से आए 30 से अधिक युवा नेत्र चिकित्सकों को प्रशिक्षित कर चुका है। संस्थान का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार करना है, ताकि देशभर में मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
अंत में डॉ. विदुषी शर्मा, डॉ. एस.के. गुप्ता, डॉ. निपुण बागरेचा, डॉ. सुभाष गुप्ता तथा सुवि नेत्र चिकित्सालय की पूरी टीम ने डॉ. प्रिया कपिला को उनकी चिकित्सकीय एवं राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
