-9.21 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा तीन मंजिला भवन
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रहने, भोजन और पार्किंग की एक ही स्थान पर होगी व्यवस्था
बून्दी-स्मार्ट हलचल|जिला मुख्यालय स्थित राजकीय चिकित्सालय में उपचार के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को जल्द ही बड़ी राहत मिलेगी। कोटा की तर्ज पर अब जिला अस्पताल परिसर में करीब 9.21 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘रामाश्रय’ का निर्माण कराया जाएगा। यह भवन उन परिजनों के लिए बड़ी सहूलियत साबित होगा, जिन्हें मरीजों की देखभाल के दौरान रहने, भोजन करने और रात्रि विश्राम जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में अस्पताल परिसर या खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ती है। परियोजना की निविदा 10 जुलाई को खोली जा चुकी है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाएगा।
*तीमारदारों को मिलेगी सम्मानजनक सुविधा*
जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज भर्ती होते हैं। उनके साथ आने वाले परिजनों को कई बार ठहरने, भोजन करने और विश्राम की समुचित व्यवस्था नहीं मिल पाती। ऐसे में उन्हें अस्पताल परिसर या खुले स्थानों पर रात गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ता है। रामाश्रय बनने के बाद मरीजों के परिजनों को रहने, भोजन और विश्राम की सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे उन्हें मरीजों की देखभाल के दौरान इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और अस्पताल परिसर की व्यवस्थाएं भी अधिक सुव्यवस्थित हो सकेंगी।
*भूतल पर पार्किंग, ऊपरी मंजिलों पर आवासीय सुविधाएं*
तीन मंजिला रामाश्रय भवन का निर्माण आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। भवन के भूतल पर 17 चार पहिया और 53 दोपहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था होगी। प्रथम तल पर भोजन कक्ष, रसोईघर, स्टोर रूम, बर्तन कक्ष, बर्तन धोने की व्यवस्था तथा आवागमन की सुविधा के लिए दो लिफ्ट स्थापित की जाएंगी।
द्वितीय तल पर पुरुष परिजनों के ठहरने के लिए 72 बिस्तरों की क्षमता वाली डॉरमेट्री बनाई जाएगी, जहां लिनन स्टोर सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। वहीं तृतीय तल पर महिला परिजनों के लिए 72 बिस्तरों की क्षमता वाली अलग डॉरमेट्री और शौचालय की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
कोटा से शुरू हुई पहल अब बून्दी तक
‘रामाश्रय’ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की एक संवेदनशील पहल है। अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों की कठिनाइयों को देखते हुए इसकी शुरुआत कोटा में की गई थी। अब इसी तर्ज पर बून्दी में भी यह सुविधा विकसित की जा रही है। इसके निर्माण के बाद मरीजों के परिजनों को रहने, भोजन और विश्राम की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। साथ ही वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग से अस्पताल परिसर में अव्यवस्था भी कम होगी। यह परियोजना मरीजों और उनके परिजनों की परेशानियां कम करने के साथ-साथ अस्पताल परिसर को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाएगी।
