मंगरोप।कस्बे के बड़लियास रोड पर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास के समीप करीब 10 मीटर की दूरी पर ही पंचायत प्रशासन द्वारा कचरा डंप करने के लिए डंपिंग यार्ड बना दिया गया है,जिससे वहां रह रही छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।डंपिंग यार्ड के कारण दिनभर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है,जिससे आसपास का वातावरण पूरी तरह दूषित हो गया है।स्थानीय लोगों एवं छात्रावास में रह रही छात्राओं के अनुसार करीब 6 दिन पहले कचरे के ढेर के पास एक मवेशी की मौत हो गई थी।उसका शव लंबे समय तक नहीं हटाए जाने से आसपास भीषण दुर्गंध फैल गई। दुर्गंध इतनी तीव्र है कि छात्राओं के लिए वहां रहना मुश्किल हो गया है। भोजन करना तो दूर, कमरे में सांस लेना तक दूभर हो गया है।छात्राओं का कहना है कि दुर्गंध के कारण उन्हें सिरदर्द,उल्टी जैसा महसूस होना और सांस संबंधी समस्याएं हो रही हैं।पढ़ाई पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।वहीं,छात्रावास के पास इस तरह कचरा डंप किए जाने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि पंचायत प्रशासन की लापरवाही के चलते यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है।कई बार शिकायत के बावजूद न तो कचरा नियमित रूप से हटाया जा रहा है और न ही मृत मवेशियों के निस्तारण की कोई ठोस व्यवस्था की गई है।ग्रामीणों व छात्राओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि छात्रावास के समीप बने डंपिंग यार्ड को तत्काल हटाया जाए,मृत मवेशियों के उचित निस्तारण की व्यवस्था हो और क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमित सफाई करवाई जाए,ताकि छात्राओं को राहत मिल सके और उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।
