न्याय नहीं मिलने से नाराज सेन समाज ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग
बी एम राठौर
न्यूज
स्मार्ट हलचल|सांगोद 27 जुलाई को सांगोद कस्बे में एक छात्रा पिछले *4 सालों से लगातार पीछा, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी से परेशान है। पीड़िता का आरोप है कि कई बार पुलिस को शिकायत देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे आक्रोशित होकर रविवार को सेन समाज के सैकड़ों लोग महिलाओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
पीड़िता दीपिका सेन ने बताया कि वर्ष *2022* में जब वह स्कूल जाती थी, तब से पवन रैगर नामक युवक उनका पीछा कर रहा है और जबरन उठा ले जाने की धमकी देता था। उस समय मामला दर्ज हुआ था, लेकिन आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण वह फिर से परेशान करने लगा।
दीपिका के अनुसार *29 मई 2026* को आरोपी अपनी मां के साथ उनके घर आया और गाली-गलौच करते हुए लाठियों से हमला किया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार तो किया गया, लेकिन 5 दिन में ही रिहा कर 6 महीने के लिए पाबंद कर दिया गया।
इसके बाद भी *17 जुलाई 2026* को आरोपी ने बाजार में उनका हाथ पकड़कर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में सांगोद थाने में रिपोर्ट दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता के परिजनों ने ऊर्जा मंत्री से मिलकर भी मामले से अवगत कराया।
आरोप है कि इसके बाद पवन रैगर और रवि ने उल्टा पीड़िता के माता-पिता पर *एससी/एसटी एक्ट* के तहत झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। पीड़िता ने कहा कि पुलिस अधिकारियों की लापरवाही से पूरा परिवार मानसिक तनाव में है।
सेन समाज ने दी चेतावनी
दोपहर करीब *2 बजे* सेन समाज के *रामभरोस सेन, रामेश्वर सेन, निरंजन सेन, राजेंद्र सेन, गौरव सेन, पिटूं सेन, मोहित सेन, रवींद्र, हिमांशु, हेमराज* सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एसडीएम कार्यालय पहुंचीं। समाज ने प्रशासन को 7 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी।
ज्ञापन में 4 प्रमुख मांगें आरोपी पवन रैगर* को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए
झूठे एससी/एसटी केस* की निष्पक्ष जांच हो
पीड़िता व परिवार* को सुरक्षा दी जाए लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो
