अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल|ग्राम गणेशपुरा (वार्ड संख्या 47) स्थित मेघवाल समाज श्मशान घाट की बदहाली और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय निवासियों व समाजजनों ने रोष जताया है। क्षेत्रवासियों ने उपखण्ड अधिकारी (SDM), ब्यावर को एक ज्ञापन सौंपकर समस्या के जल्द से जल्द निस्तारण की मांग की है।
जल निकासी बंद होने से परिसर जलमग्न
ज्ञापन में बताया गया कि बीते 15–20 दिनों से हो रही बारिश के कारण श्मशान घाट परिसर पूरी तरह जलमग्न, कीचड़युक्त और गंदगी से भर चुका है। पास में नई कॉलोनी विकसित होने के कारण पुराना नाला बंद हो गया है, जिससे बारिश के पानी की निकासी पूरी तरह ठप हो गई है। मुख्य मार्ग पर पानी भरा होने से शव वाहनों और आम लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है।
जर्जर हॉल से हादसे का अंदेशा
समाजजनों ने बताया कि परिसर में बना हॉल बेहद जर्जर व क्षतिग्रस्त स्थिति में है, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। वर्तमान स्थिति में किसी दिवंगत व्यक्ति का गरिमापूर्ण अंतिम संस्कार करना भी बेहद कठिन हो गया है, जो कि मानवीय संवेदनाओं और धार्मिक आस्था के विपरीत है।
प्रमुख मांगें:
जल निकासी के लिए स्थायी नाले का निर्माण।
श्मशान परिसर में भरे पानी व गंदगी की तुरंत सफाई।
मुख्य मार्ग को आवागमन हेतु सही करना।
जर्जर हॉल का पुनर्निर्माण व परिसर का सौंदर्यकरण।
ज्ञापन देने वालों में ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष चिराग मेघवाल, नरेंद्र कटारिया, अमरा राम, मोहनलाल, नारायणलाल, किशनलाल कटारिया, सुरेश कुमार, कन्हैयालाल, कमलेश, शोमेंश, देबीलाल, ओमप्रकाश तथा पांचूराम कड़ेला सहित कई अन्य समाजजन उपस्थित रहे।
