छात्रों का गुस्सा ठंडा करने के लिए लाया गया बिल, इससे कुछ नहीं बदलेगा, पीएम संसद में आकर बयान दें

राज्यसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह विधेयक छात्रों के बढ़ते गुस्से को शांत करने के लिए लाया गया है। खड़गे ने मांग की कि प्रधानमंत्री स्वयं संसद में आकर इस मुद्दे पर बयान दें और देश के छात्रों की चिंताओं का जवाब दें।

खड़गे ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

वहीं, सरकार का कहना है कि एंटी पेपर लीक विधेयक का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाना, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई करना और दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा सुनिश्चित करना है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “पेपर लीक के कारण बहुत से बेगुनाह लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। इस नए बिल से कुछ नहीं होने वाला है क्योंकि पुराने कानून में बस कुछ डेटा ही बदला गया है। भारी-भरकम जुर्माना, कड़ी सजा, स्पेशल टास्क फोर्स और फास्ट-ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान तो किए गए हैं, लेकिन इससे कुछ नहीं बदलेगा।”