रमेश चन्द डाड
आकोला|स्मार्ट हलचल|बीगोद स्थानीय बालिकाओं ने होली पर परम्परा से गोबर के बडुलिए की माला बनाकर होली के रोपित डड़े पर डाल कर नारियल फोड़ा तथा फुली,धानी ,चने का बच्चों में वितरण किया।नारियल फोड़े।
सायंकाल बालाजी चौक से 6 बज कर 35 मिनट पर कस्बे के मोतबिर नागरिक तथा युवा, बच्चे ढ़ोल के साथ होली दहन की परम्परा करने के लिए रवाना हुए जो गावाई होली के ठान पर पहुंचे। वहां होलिका दहन कार्यक्रम हर वर्ष की भांति परम्परागत तरीके से शुभमुहूर्त मे हुआ। स्थानीय प्राचीन काल से चली आ रही परम्परा के अनुसार मुख्य होली बस स्टैंड के पास गावाई होली का दहन स्थानीय प्रबुद्ध जनों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से किया गया। कुछ लोगों ने होली गीत तथा गाली , हंसी,ठिठोली की परम्परा का निर्वाह किया गया।पंडित श्यामसुंदर भट्ट ने मंत्रोच्चार किया जिसके बाद गोविंद सिंह कानावत आदि मोतबिर नागरिकों ने होली को जलाने की रस्म की।
वहां से पुराने पुलिस थाने के पास रोपित होली के वहां गये।
अंग्रेजों के जमाने के पुराने थाने के निकट परम्परानुसार होली का दहन स्थानीय पुलिस थाने के थानाधिकारी जय सुल्तान ने विधि-विधान से सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में किया।उसके बाद दो स्थानों हस्तिनापुर में खटीक नवयुवक मंडल की होली तथा नंदराय रोड़ की बस्ती में होलिका दहन हुआ। सभी स्थानों पर उत्साह एवं उमंग से होली दहन सम्पन्न हुआ। सभी स्थानों पर नगर के बड़े बुजुर्गो मोतबिरो की उपस्थिति में होली दहन किया गया।सभी होली दहन स्थलों पर पुलिस प्रशासन की सतर्कता रही।किसी प्रकार की अप्रिय वारदात के समाचार नहीं है।सभी जगह शांतिपूर्ण माहौल में होली दहन हुआ।
