सुवाणा के किसान मेले में बिजली चोरी को लेकर अधिकारियों में मतभेद…………..

वीसीआर बनाने से हिचक रहे अधिकारी…………….
भीलवाड़ा 03 मार्च।स्मार्ट हलचल|राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुवाणा के हलेड मार्ग स्थित खेल मैदान में निजी व्यक्ति के संगठन मिवी किसान बाजार कृषक उत्पादक संगठन भीलवाड़ा की ओर से पिछले तीन दिनों तक लगाये गये तीन दिवसीय किसान मेले में आयोजकों द्वारा बिजली चोरी करने के बाद पकड़े जाने, वीसीआर भरने को लेकर अधिकारियों में ही मतभेद खुलकर सामने आये है। विभाग के आला अधिकारी वीसीआर भरने का निर्देश दे चुके है। जबकि वीसीआर भरने वाले अधिकारी/कर्मचारी बिजली चोरी करने वाले को बचाने में लगे हुए है।
सूत्रों के अनुसार मेले में आयोजकों द्वारा मीटर के पास सरकारी केबल को काटकर बिजली चोरी की जा रही थी। जिसकी कुछ किसानों द्वारा अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के ए.ई.एन. ग्रामीण हवा सिंह गुर्जर को शिकायत की, उन्होंने कनिष्ठ अभियन्ता आयुष माथुर को फोन पर मौके पर जाकर वीसीआर भरने के निर्देश दिये थे, मगर माथुर ने मौके पर नहीं पहुंचकर सिर्फ मेले के ठीक सामने स्थित विद्युत विभाग की ग्रीड पर कार्यरत कर्मचारियों को भेजकर तारो को सही मीटर से जोड़ दिया। तब तक आयोजक दो-तीन दिन तक लगातार हजारों रुपए की बिजली चोरी कर चुके थे।
मेले में लगभग 50 से अधिक छोटी-बडी स्टॉल लगाए गई। प्रत्येक स्टाॅल से 30 से 40 हजार रुपए आयोजकों द्वारा लिये गये थे। जिसके बदले में आयोजकों ने नगर निगम के दमकल वाहन, टेन्ट,चाय,पीने का पानी एवं बिजली की व्यवस्था की है।
वहीं मेले में एक भी स्टाॅल राज्य सरकार एवं भारत सरकार की नहीं लगाई गई जिसके चलते क्षेत्र के किसानों में रोष व्याप्त है।
किसान कालू भील, रामचंद्र नायक,भंवर चौधरी,भैरू चौधरी एवं बद्री बलाई ने बताया कि लक्ष्मण चैधरी मेले से किसानों को कोई फायदा नहीं मिल रहा, क्योंकि भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए बनाई गई लाभकारी एवं किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी देने वाला कोई नहीं है। वहीं बिजली विभाग के उच्च अधिकारी वीके संचेती व ओम प्रकाश खटोड ने बताया कि वीसीआर भरने के निर्देश देने के बावजूद भी वीसीआर क्यों नहीं भरी गई, जांच की जायेंगी। लापरवाह अधिकारी के खिलाफ जांच कर कार्यवाही की जायेंगी।