अज़ान में मौत का कारोबार! सड़क किनारे चढ़ रही ड्रिप, झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे ग्रामीणों की जिंदगी

भगत बाबा रोड पर धड़ल्ले से चल रहे अवैध क्लीनिक, राजकीय विद्यालय के पास फर्जी डॉक्टर का कथित साम्राज्य; स्वास्थ्य विभाग पर उठे गंभीर सवाल

अज़ान (खीरी)। स्मार्ट हलचल|ब्लॉक कुंभी क्षेत्र का अज़ान कस्बा इन दिनों कथित झोलाछाप डॉक्टरों का गढ़ बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों के आरोप हैं कि बिना वैध मेडिकल डिग्री, पंजीकरण या आवश्यक अनुमति के कई लोग वर्षों से क्लीनिक चलाकर ग्रामीणों का इलाज कर रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह बताई जा रही है कि कुछ स्थानों पर सड़क किनारे खुले में ही मरीजों को ड्रिप चढ़ाई जा रही है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
कस्बे के भगत बाबा रोड पर, राजकीय विद्यालय के पास, छोटी-छोटी किराये की दुकानों में चार क्लीनिक संचालित होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इन क्लीनिकों पर न तो डॉक्टर की योग्यता का स्पष्ट विवरण प्रदर्शित है, न मेडिकल काउंसिल का पंजीकरण नंबर और न ही स्वास्थ्य विभाग के मानकों के अनुरूप जानकारी उपलब्ध है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इन्हीं में से एक व्यक्ति, अवधेश कुमार उर्फ राममूर्ति, स्वयं को डिग्रीधारी डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज करता है। आरोप है कि मेडिकल स्टोर की आड़ में वह सड़क किनारे ही मरीजों को ड्रिप चढ़ाता है और हर बीमारी का इलाज करने का दावा करता है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि गंभीर बीमारियों के मरीजों को महंगी पैथोलॉजी जांचें लिखी जाती हैं और कमीशन के खेल में उन्हें अनावश्यक जांच कराने के लिए प्रेरित किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जांच रिपोर्ट समझने में अनुभवहीन होने के कारण सही इलाज प्रभावित होता है और कई बार इंटरनेट के सहारे दवा लिखी जाती है। यदि यह सही है तो यह मरीजों के स्वास्थ्य के लिए बेहद गंभीर विषय है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना आवश्यकता एंटीबायोटिक और स्टेरॉयड दवाओं का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे मरीजों में दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। उनका कहना है कि सस्ते इलाज और जल्द राहत के लालच में गरीब लोग इन क्लीनिकों तक पहुंच जाते हैं, लेकिन बाद में कई मामलों में हालत बिगड़ जाती है।
कस्बे के लोगों का कहना है कि अज़ान की लगभग हर गली में ऐसे कथित झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय हैं। आरोप है कि इनके पास न तो वैध मेडिकल रजिस्ट्रेशन है और न ही इलाज करने की अधिकृत योग्यता, फिर भी वर्षों से मरीज देखे जा रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि गलत दवा और इंजेक्शन के कारण कई मरीजों की हालत गंभीर हुई है तथा कुछ लोगों की मौत होने की भी चर्चा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर उठ रहा है। कस्बे के बीचों-बीच वर्षों से संचालित बताए जा रहे इन अवैध क्लीनिकों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की उदासीनता के कारण ऐसे लोगों के हौसले बढ़े हुए हैं।
इस संबंध में गोला सीएचसी अधीक्षक डॉ. मयंक मिश्रा ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। अज़ान कस्बे में संचालित कथित झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिकों की जांच कराई जाएगी। यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो नियमानुसार क्लीनिक बंद कराकर संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।