अस्पताल में डॉक्टर व स्टाफ की कमी पर 10 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना, एसडीएम को सौंपेंगे ज्ञापन
महिला चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और सोनोग्राफी ऑपरेटर की नियुक्ति की मांग; समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बीगोद, स्मार्ट हलचल।
बीगोद के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की कमी को लेकर क्षेत्रवासियों में लगातार रोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब एक माह से अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों के पद रिक्त होने के कारण मरीजों को घंटों कतार में लगकर इलाज कराना पड़ रहा है। वर्तमान में केवल एक अस्थायी चिकित्सक के भरोसे अस्पताल का संचालन होने से मरीजों के साथ-साथ अस्पताल स्टाफ को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सोनोग्राफी मशीन बनी शोपीस, महिला डॉक्टर का भी अभाव
ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध होने के बावजूद ऑपरेटर के अभाव में उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। वहीं चार स्वीकृत चिकित्सकों के पद होने के बावजूद महिला चिकित्सक की नियुक्ति नहीं होने से महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रसव सहित अन्य महिला स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी मरीजों को दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ रहा है।
25 हजार आबादी एक अस्पताल पर निर्भर
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अस्पताल में संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद चिकित्सकों और स्टाफ की कमी के कारण आमजन को आपातकालीन स्थिति में भी इलाज के लिए भीलवाड़ा जाना पड़ता है। बीगोद की लगभग 25 हजार की आबादी के अलावा आसपास के कई गांवों के लोग भी इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि डॉक्टर एवं स्टाफ की कमी की समस्या से उपखंड अधिकारी मांडलगढ़ को पूर्व में भी अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
10 अगस्त से अस्पताल के बाहर अनिश्चितकालीन धरना
इसी के विरोध में आंदोलनकारी मुनीर लोहार के नेतृत्व में 10 अगस्त 2026 (सोमवार) प्रातः 11 बजे उपखंड अधिकारी मांडलगढ़ को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद बीगोद अस्पताल के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की शीघ्र व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
